शुक्रवार, 30 जनवरी 2015

उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान द्वारा वर्ष 2014 के पुरस्कारों हेतु विज्ञापन


        उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान द्वारा वर्ष 2014 के अधोलिखित पुरस्कारों हेतु निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन पत्र दिनांक 20 फरवरी, 2015 तक आमंत्रित है। किसी भी कारणवश विलम्ब से प्राप्त आवेदन पत्र विचारणीय नहीं होंगे। क्रमांक 1,2,3,4,6 एवं 7 के पुरस्कारों का पात्रता क्षेत्र सम्पूर्ण भारत है। शेष सभी पुरस्कारों के लिये आवश्यक है कि विद्वान का जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ हो अथवा कम से कम 10 वर्षो से उत्तर प्रदेश में निवास कर रहा हो। प्रदेश में निवास सक्षम स्तर से प्रमाणित हो। ‘विश्वभारती’, महर्षि वाल्मीकि, महर्षि व्यास, महर्षि नारद तथा ‘विशिष्ट-पुरस्कार’ हेतु समिति के अवलोकनार्थ विद्वान की कतिपय प्रतिनिधि कृतियाँ भी उपलब्ध कराना होगा।

1. विश्वभारती पुरस्कार-(एक) 5,01,000/-(पाॅच लाख एक हजार मात्र)
2. महर्षि वाल्मीकि पुरस्कार -(एक) 2,01,000/-(दो लाख एक हजार मात्र)
3. महर्षि व्यास पुस्कार-(एक) 2,01,000/-(दो लाख एक हजार मात्र)
उक्त पुरस्कारों के लिये संस्कृत साहित्य के राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मूर्धन्य विद्वान ही अर्ह होंगे। निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन-पत्र स्वयं विद्वान अथवा उनके व्यक्तित्व तथा कृतित्व से परिचित कोई व्यक्ति भी भेज सकते हैं। पुरस्कार की पात्रता हेतु आवेदक की आयु न्यूनतम 60 वर्ष एवं क्षेत्र सम्पूर्ण भारतवर्ष होगा।
4. महर्षि नारद पुरस्कार-(एक) 1,01,000/-(एक लाख एक हजार मात्र)
संस्कृत पत्रकारिता जगत के ऐसे वरिष्ठ पत्रकार, जिन्होंने कम से कम 25 वर्षों से संस्कृत पत्र-पत्रिकाओं में अपने लेखन/सम्पादन तथा प्रकाशन से संस्कृत पत्र/पत्रिकाओं को राष्ट्रीय स्तर का गौरव प्रदान कराया हो या संस्कृत पत्र/पत्रिकाओं के संस्थापक सम्पादक के साथ ही लेखन (ग्रन्थ) समीक्षा, सम्पादन, अध्यापन कार्य करने वाले विद्वान भी, अर्ह होंगे। पुरस्कार की पात्रता हेतु आवेदक की आयु न्यूनतम 60 वर्ष एवं क्षेत्र सम्पूर्ण भारतवर्ष होगा।
5. विशिष्ट पुरस्कार-(पाँच) 1,01,000/-(एक लाख एक हजार मात्र)
इन पुरस्कारों हेतु संबंधित विद्वान की संस्कृत जगत में संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार एवं विकास कार्य हेतु निरन्तर विशिष्ट सेवा की न्यूनतम अवधि 20 वर्ष हो अथवा उन्होंने संस्कृत सम्मेलन/संस्कृत सम्भाषण आदि द्वारा संस्कृत के सामाजिक प्रयोग में उल्लेखनीय योगदान किया हो। ऐसे विद्वान स्वयं अथवा उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व से सुपरिचित विद्वान निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन कर सकते हैं। 
6. वेद पंडित पुरस्कार- (10) 51,000/-(इक्यावन हजार मात्र) प्रत्येक 
इस पुरस्कार हेतु वेद पंडित को वेद की किसी भी शाखा की सम्पूर्ण संहिता सस्वर कण्ठस्थ होनी चाहिये। इस पुरस्कार के लिये वेद पंडित को संस्थान द्वारा आयोजित वेद परीक्षा में भाग लेना होगा। ऐसे अभ्यर्थी जो पूर्व में 3 बार साक्षात्कार में भाग ले चुके हैं, पुनः आवेदन के पात्र नहीं होंगे। 20 वर्ष पूर्व संस्कृत संस्थान का वेद पण्डित पुरस्कार प्राप्त विद्वानों से वेद विशिष्ट पुरस्कार हेतु आवेदन आमंत्रित हैं। दो रिक्त वेद पंडित पुरस्कार के स्थान पर एक वेद विशिष्ट पुरस्कार रू0 1,01,000/-का देने हेतु पुरस्कार समिति संस्तुत कर सकती है। निर्धारित वेद पंडित पुरस्कार के लिये एक अभ्यर्थी अनुपलब्ध होने पर वेद-वेदांग से सम्बन्धित उत्कृष्ट कृतियों पर 51000/- का पुरस्कार दिया जा सकता है।
7. नामित पुरस्कार - (पाँच) 51,000/- (इक्यावन हजार मात्र) प्रत्येक 
विगत दो कैलेण्डर वर्षों में प्रकाशित (वर्ष 2012 एवं 2013 में प्रकाशित) काव्य ग्रंथ, गद्य, पद्य, विषय की मौलिक तथा उत्कृष्ट संस्कृत रचनाओं को और/या दर्शन पुराण, इतिहास धर्मशास्त्र, वेद, वेदांग तथा व्याकरण की उत्कृष्ट रचनाओं को अधोलिखित नामित पुरस्कारों हेतु निर्धारित प्रपत्र पर ग्रन्थ की 5 प्रतियों के साथ आमंत्रित की जाती हैः- 
(क) कालिदास पुरस्कार (ख) बाणभट्ट पुरस्कार (ग) शंकर पुरस्कार
(घ) व्यास पुरस्कार (ङ) पाणिनि/सायण पुरस्कार
पुस्तक का प्रथम संस्करण ही पुरस्कार के लिए विचारणीय होगा। पूर्व प्रकाशित रचनाओं के संशोधित संस्करण पुस्तक के रूप में प्रकाशित होने की दशा में पुरस्कार के लिए तभी विचारणीय हो सकता है जब उसकी 60 प्रतिशत सामग्री पूर्व में प्रकाशित न हुई हो। ऐसी कृति, जिसे पहले उ0 प्र0 संस्कृत संस्थान पुरस्कृत कर चुका है, पुरस्कार योग्य नहीं मानी जायेगी।
8. विशेष पुरस्कार- (छः) 21000/ ( इक्कीस हजार मात्र) प्रत्येक 
वर्ष 2013 में प्रकाशित विशिष्ट रचनात्मक एवं समीक्षात्मक कृतियाँ ही इस पुरस्कार के लिये विचारणीय होंगी। इस वर्ग का एक पुरस्कार पालि/प्राकृत में रचित ग्रन्थों के लिये आरक्षित है। यदि पालि/प्राकृत में रचित उपयुक्त ग्रन्थ उपलब्ध नहीं होंगे तो इस पुरस्कार को संस्कृत भाषा के लिये विचार किया जायेगा।
9. विविध पुरस्कार-(बीस) 11,000/- (ग्यारह हजार मात्र) प्रत्येक
(क) साहित्य पुरस्कार (दस) (ख) शास्त्र पुरस्कार (छः)
(ग) बाल-साहित्य पुरस्कार (दो) (घ) श्रमण पुरस्कार (दो)
वर्ष 2013 में प्रकाशित संस्कृत की रचनात्मक मौलिक कृतियां तथा संस्कृत विषयक हिन्दी में रचित समीक्षात्मक कृतियां अथवा संस्कृत भाषा से अन्य भाषाओं में अनूदित रचनायें अथवा अन्य भाषाओं से संस्कृत भाषा में अनूदित रचनायें पुरस्कार के लिए अर्ह होंगी। संस्कृत प्रश्नोत्तरी (गाइड), शोध प्रबन्ध सदृश पुस्तकों पर विचार नहीं किया जायेगा। पुरस्कार हेतु प्रेषित ग्रन्थ यदि संशोधित संस्करण है तो उसका 60 प्रतिशत भाग पूर्व में प्रकाशित न हुआ हो और संबंधित ग्रन्थ पूर्व मंे संस्कृत संस्थान द्वारा किसी भी पुरस्कार से पुरस्कृत न हो। 
नोटः 1. विस्तृत सूचना तथा आवेदन पत्र प्रारूप उ0प्र0 संस्कृत संस्थान, लखनऊ के वेबसाइट www.upsanskritsansthanam.org एवं www.upsanskrit-nic.in/download.html पर उपलब्ध है, जिसे डाउनलोड किया जा सकता है अथवा किसी भी कार्य दिवस में संस्थान कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।
2. प्रत्येक पुरस्कार हेतु अलग-अलग आवेदन करना अनिवार्य है। अलग-अलग पुरस्कारों हेतु एक ही आवेदन मान्य नहीं होगा।