शुक्रवार, 16 जून 2017

उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान, लखनऊ वर्ष 2017 का पुरस्कार विज्ञापन


    उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान, लखनऊ द्वारा  वर्ष 2017 के पुरस्कारों का विज्ञापन जारी कर दिया गया है। पुरस्कार का आवेदन पत्र स्वीकार करने की अंतिम तिथि  31 जुलाई 2017 है। इनमें से कुछ पुरस्कार उत्तर प्रदेश के निवासियों अथवा उत्तर प्रदेश में 10 वर्षों से रह रहे लोगों के लिए है। विज्ञापन को ध्यान से पढें। अंत में पुरस्कार नियमावली का लिंक भी उपलब्ध करा दिया गया है। आवेदन करने से पहले एक बार पुरस्कार नियमावली का अध्ययन करना उचित होगा। विश्वभारती, वाल्मीकि,व्यास,नारद तथा विशिष्ट पुरस्कार व्यक्तित्व आधारित है। विद्वानों द्वारा संस्कृत के विविध क्षेत्रों में अबतक की गयी सेवा के लिए ये पुरस्कार दिये जाते हैं, जबकि नामित, विशेष और विविध पुरस्कार निर्धारित समयावधि (इस वर्ष के विशेष और विविध पुरस्कार के लिए वर्ष 2016 में तथा नामित पुरस्कार के लिए वर्ष 2015 एवं 2016) में प्रकाशित पुस्तकों के लिए दिये जाते हैं। वेद कण्ठस्थ परम्परा के लिए वेद पंडित पुरस्कार प्रदान किये जाते हैं। विज्ञापन का पूरा प्रारूप नीचे उपलब्ध है। आपकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस विज्ञापन के नीचे प्रत्येक फार्म का सरल लिंक उपलब्ध कराया गया है। यह लिंक आपको इच्छित पुरस्कार के आवेदन पत्र को डाउनलोड करने का सीधा लिंक उपलब्ध कराता है। इच्छित फार्म डाउनलोड करने के लिए पुरस्कार के नाम पर क्लिक करें सभी फार्मों की एकत्र सूची देखने तथा डाउनलोड करने के लिए डाउनलोड पर चटका लगायें। यहाँ पुरस्कार के नाम के आगे सम्बन्धित फार्म को डाउनलोड  करने के लिए Click here for download Application लिखा हुआ है। 





    
       पुरस्कारों के नाम                                          अर्हता
       विश्व भारती पुरस्कार         संस्कृत के क्षेत्र में राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति।
         
       वाल्मीकि पुरस्कार           संस्कृत साहित्य में रचनाधर्मिता,विशिष्ट कृतित्व के लिए राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति

     व्यास पुरस्कार             वेद वेदांग तथा पौराणिक वाङ्मय में रचनाधर्मिता तथा अपने विशिष्ट कृतित्व-व्यक्तित्व से राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त।आवेदक की न्यूनतम आयु 60 वर्ष

    नारद  पुरस्कार           संस्कृत पत्रकारिता में कम से कम 25 वर्षों से अपने लेखन/सम्पादन तथा प्रकाशन से संस्कृत पत्र/पत्रिकाओं का राष्ट्रीय स्तर का गौरव प्रदान कराया हो। आवेदक की न्यूनतम आयु 60 वर्ष

    विशिष्ट पुरस्कार          संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार, विकास कार्य, संस्कृत सम्मेलन/संस्कृत सम्भाषण आदि द्वारा संस्कृत के सामाजिक प्रयोग में उल्लेखनीय योगदान की न्यूनतम अवधि 20 वर्ष

     वेद पंडित पुरस्कार        वेद की किसी भी शाखा का ज्ञान तथा पूरी संहिता कंठस्थ होनी चाहिए।

               ग्रन्थ लेखन क्षेत्र के पुरस्कार

    नामित पुरस्कार        कुल पांचों पुरस्कार ,मौलिक प्रकाशित संस्कृत पुस्तकें । प्रथम संस्करण ही विचारणीय।  पुस्तक की 5 प्रतियाँ अपेक्षित होंगी। 

   विशेष पुरस्कार       संस्कृत भाषा में विरचित रचनात्मक/ समीक्षात्मक कृतियाँ, एक पुरस्कार पालि तथा प्राकृत में रचित ग्रन्थों के लिए आरक्षित।  पुस्तक की प्रतियाँ अपेक्षित होंगी। 

   विविध पुरस्कार       संस्कृत में रचनात्मक कृतियों तथा संस्कृत के विषयों पर हिन्दी में रचित समीक्षात्मक कृतियों के लिए।  पुस्तक की प्रतियाँ अपेक्षित होंगी। 
नोट- विशेष पुरस्कार से अधिक धनराशि के पुरस्कारों हेतु किसी भी विद्वान को एक बार से अधिक उसी पुरस्कार के लिये विचार नहीं किया जायेगा। विशेष/विविध पुरस्कारों हेतु उसी विधा में उसी पुरस्कारों के लिये उसी विद्वान की कृति दो वर्ष से पहले विचारणीय नहीं होगी।