1 प्रशिक्षण की रूपरेखा एवं कार्यविधि
🌟 प्रशिक्षण के प्रमुख घटक:
- 1 चार मुख्य शिक्षण सत्र: प्रतिदिन चार मुख्य शिक्षण सत्र होंगे, जहाँ प्रत्येक सत्र पूरे 90 मिनट की अवधि का निर्धारित है।
- 2 प्रशिक्षु द्वारा सत्र सारांश: प्रत्येक शिक्षण सत्र के अंतिम 5 मिनट में एक प्रशिक्षु शिक्षक उस सत्र में पढ़ाई गई विषयवस्तु का संक्षेप में सारांश प्रस्तुत करेगा।
- 3 विशेष व्याख्यान सत्र: तीन अलग-अलग दिनों में विशेष व्याख्यान आयोजित होंगे, जो मुख्य रूप से भारतीय ज्ञान परम्परा, संस्कृत में रोजगार के अवसर, उच्च शिक्षा तथा विद्यार्थियों के लिए संचालित सरकारी योजनाओं पर केंद्रित होंगे।
- 4 समूह अध्ययन एवं लिखित समीक्षा: कुल 30 प्रशिक्षुओं के 5-5 सदस्यों वाले 6 समूह बनाए जाएंगे। प्रत्येक समूह को ऑनलाइन व्याख्यान अथवा सामग्री का लिंक मिलेगा, जिसका अध्ययन कर वे लिखित समीक्षा प्रस्तुत करेंगे।
- 5 चतुर्थ दिवस (शिक्षण प्रदर्शन): चौथे दिन सभी प्रशिक्षु शिक्षकों को अपनी शिक्षण विधा का प्रदर्शन करने के लिए 15-15 मिनट का समय दिया जाएगा।
- 6 पंचम दिवस (मूल्यांकन): प्रशिक्षण के अंतिम दिन सभी प्रशिक्षणार्थियों की लिखित एवं व्यावहारिक परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।
- 7 दैनिक उद्घाटन गतिविधि: प्रतिदिन सुबह प्रशिक्षण की शुरुआत एक प्रशिक्षु द्वारा उद्घाटन से संबंधित गतिविधि को पूर्ण कराकर की जाएगी।
- 8 दैनिक समापन एवं सारांश: प्रतिदिन सत्र के समापन के अवसर पर एक मनोनीत प्रशिक्षु शिक्षक द्वारा दिनभर के प्रशिक्षण का पूरा सारांश प्रस्तुत किया जाएगा।
3 दिवसवार विस्तृत समय-सारणी
🌅 दिवस 1 (शनिवार, 14 नवम्बर 2026)
मुख्य विषय : संस्कृत संभाषण, ग्रन्थावृत्ति एवं डिजिटल साक्षरता
🎯 उद्देश्य: प्रशिक्षु शिक्षक स्वयं संस्कृत टाइपिंग, digital सामग्री निर्माण, शुद्ध उच्चारण एवं संस्कृत संभाषण का अभ्यास कर सकें।
| समय | सत्र एवं विषयवस्तु | उत्तरदायित्व |
|---|---|---|
| 9:00 – 9:05 | उद्घाटन हेतु स्थान ग्रहण एवं स्वागत | — |
| 9:05 – 9:30 | ✨ उद्घाटन सत्र – दीप प्रज्वलन, सरस्वती वन्दना, अतिथि उद्बोधन एवं प्रशिक्षण की रूपरेखा | अतिथि / प्रशिक्षक |
| 9:30 – 9:40 | एक प्रशिक्षु द्वारा प्रशिक्षण के उद्देश्यों एवं उद्घाटन सत्र का सारांश प्रस्तुतीकरण | प्रशिक्षु |
| 9:40 – 10:40 | संस्कृत संभाषण (भाग 1) – परिचय, अभिवादन, दैनिक शिष्टाचार एवं लट्लकार के क्रियापदों से वाक्य निर्माण एवं परस्पर संवाद (जोड़ों में संवाद अभ्यास) | राम |
| 10:45 – 12:15 | लघुसिद्धान्तकौमुदी ग्रन्थावृत्ति एवं शुद्ध उच्चारण : माहेश्वर सूत्र, प्रत्याहार, संधि प्रकरण के प्रमुख सूत्रों का उच्चारण अभ्यास (परस्पर उच्चारण अशुद्धियों का सुधार) | श्याम |
| 12:15 – 1:15 | 🍱 भोजनावकाश | — |
| 1:15 – 2:45 | डिजिटल संस्कृत प्रयोगशाला – देवनागरी इनपुट, यूनिकोड फॉन्ट, मोबाइल एवं लैपटॉप पर संस्कृत टाइपिंग, वॉयस टाइपिंग एवं डिजिटल दस्तावेज निर्माण। | मोहन |
| 3:00 – 4:30 | पाठ्यपुस्तक शिक्षण अभ्यास – निर्धारित पाठ्यपुस्तक के पाठों को डिजिटल सामग्री PPT / चार्ट से जोड़ना एवं शिक्षण योजना तैयार करना। छह समूहों का गठन तथा प्रत्येक समूह को ऑनलाइन अध्ययन हेतु विषय एवं लिंक आवंटित करना। | सुरेश |
| 4:30 – 5:00 | 🍵 सायंकालीन जलपान | — |
| 5:00 – 5:50 | 🎤 विशेष व्याख्यान – भारतीय ज्ञान परम्परा – संस्कृत ग्रन्थों में निहित ज्ञान, आधुनिक शिक्षा से संबंध एवं माध्यमिक कक्षा में उसका प्रयोग (राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में) |
विशेषज्ञ |
| 5:50 – 6:00 | ❓ शंका समाधान / प्रश्नोत्तर। | सत्र खुला |
| 6:00 – 6:15 | 📋 प्रशिक्षु द्वारा प्रथम दिवस का सार कथन। | प्रशिक्षु |
📝 गृहकार्य - प्रथम दिवस:
सभी प्रशिक्षु द्वारा व्याख्यान का सारांश लेखन तथा उस पर समीक्षा लेखन किया जाएगा।
आपको प्रथम दिवस के व्याख्यान का कौन सा अंश माध्यमिक कक्षाओं के लिए सबसे अधिक प्रासंगिक लगा और क्यों? इन प्राचीन ग्रंथों के सिद्धांतों की आज के समय में क्या प्रासंगिकता है? आप इसके व्यावहारिक पक्ष and चुनौतियों दोनों पर अपना निष्पक्ष विचार लिखें।
✅ दिवस 1 का व्यावहारिक परिणाम :
- • प्रत्येक प्रशिक्षु अपने मोबाइल/लैपटॉप पर संस्कृत टाइपिंग कर सकेगा।
- • प्रत्येक प्रशिक्षु संस्कृत में अपना परिचय एवं दैनिक संवाद प्रस्तुत करेगा।
- • महेश्वर सूत्रों, संज्ञा प्रकरण एवं संधि के सूत्रों का शुद्ध उच्चारण कर सकेगा।
- • प्रत्येक प्रशिक्षु एक डिजिटल संस्कृत शिक्षण सामग्री तैयार करेगा।
- • छह समूहों का गठन करके प्रत्येक को अध्ययन सामग्री एवं ऑनलाइन व्याख्यान का लिंक उपलब्ध कराया जाएगा।
🌅 दिवस 2 (रविवार, 15 नवम्बर 2026)
विषय : संभाषणात्मक कौशल, व्यावहारिक व्याकरण एवं संस्कृत साहित्य का गतिविधि आधारित शिक्षण।
🎯 उद्देश्य: साहित्य एवं व्याकरण को माध्यमिक स्तर पर गतिविधि एवं अभिनय के माध्यम से रोचक, सरल एवं प्रभावी ढंग से पढ़ाने का अभ्यास कराना.
| समय | सत्र एवं विषयवस्तु | उत्तरदायित्व |
|---|---|---|
| 9:00 – 10:15 | संस्कृत संभाषण (भाग 2) – कारक, विभक्तियाँ एवं दैनिक जीवन में प्रयुक्त वस्तुओं के संस्कृत नामों का वाक्यों में प्रयोग | राम |
| 10:15 – 10:45 | 💬 पठित पाठ पर परिचर्चा / समूह अभ्यास | समूह कार्य |
| 10:45 – 12:15 | ग्रन्थावृत्ति प्रयोगशाला – नीतिशतकम्, रघुवंशम् एवं किरातार्जुनीयम् के चयनित श्लोकों का शुद्ध उच्चारण, छन्दोबद्ध लययुक्त एवं सस्वर वाचन । | श्याम |
| 12:15 – 1:15 | 🍱 भोजनावकाश | — |
| 1:15 – 2:45 | आधुनिक शिक्षण विधियाँ – आगमन-निगमन विधि, उदाहरणों से नियम की खोज, कारक एवं विभक्ति का सरल शिक्षण एवं गतिविधियाँ (प्रशिक्षुओं द्वारा स्वयं उदाहरण तैयार करना एवं लघु शिक्षण प्रदर्शन) | सुरेश |
| 3:00 – 4:30 | पाठ्यपुस्तक शिक्षण अभ्यास – गद्य एवं पद्य पाठों का रोल-प्ले, अभिनय, संवाद एवं नाट्य विधि से शिक्षण । | सुरेश |
| 4:30 – 5:00 | 🍵 सायंकालीन जलपान | — |
| 5:00 – 5:50 | 🎤 विशेष व्याख्यान – संस्कृत से संभावना । | विशेषज्ञ |
| 5:50 – 6:00 | ❓ शंका समाधान / प्रश्नोत्तर। | सत्र खुला |
| 6:00 – 6:15 | 📋 प्रशिक्षु द्वारा द्वितीय दिवस का सार कथन। | प्रशिक्षु |
📝 गृहकार्य - द्वितीय दिवस:
सभी प्रशिक्षु द्वारा व्याख्यान का सारांश लेखन तथा उस पर समीक्षा लेखन किया जाएगा।
🌅 दिवस 3 (सोमवार, 16 नवम्बर 2026)
विषय : क्रीड़ा आधारित शिक्षण, अच्-सन्धि एवं डिजिटल शिक्षण सामग्री
🎯 मुख्य लक्ष्य : संस्कृत व्याकरण को खेल, प्रतियोगिता एवं सहभागिता के माध्यम से पढ़ाने की क्षमता विकसित करना।
| समय | सत्र एवं विषयवस्तु | उत्तरदायित्व |
|---|---|---|
| 9:00 – 10:15 | संस्कृत संभाषण (भाग 3) – क्तवतु प्रत्यय, लृट्लकार, भूतकाल एवं भविष्यत्काल का अभ्यास। | राम |
| 10:15 – 10:45 | 🏢 पुस्तकालय संचालन व्यवस्था का अवलोकन। | सामूहिक |
| 10:45 – 12:15 | लघुसिद्धान्तकौमुदी : अच्-सन्धि प्रकरण – यण्, गुण, वृद्धि आदि सूत्रों का अभ्यास। पठित श्लोकों, संस्कृत की पत्र पत्रिकाओं एवं वाक्यों में सन्धि को खोजने का निर्देश देना। | श्याम |
| 12:15 – 1:15 | 🍱 भोजनावकाश | — |
| 1:15 – 2:45 | क्रीड़ा आधारित शिक्षण – शब्द पहेली, श्लोकान्त्याक्षरी, धातुरूप रेस एवं व्याकरण आधारित खेलों का निर्माण (प्रशिक्षुओं द्वारा स्वयं खेल तैयार करना एवं खेल संचालित करना) | सुरेश |
| 3:00 – 4:30 | पाठ्यपुस्तक शिक्षण प्रयोगशाला – प्रत्येक प्रशिक्षु द्वारा कृत् प्रत्यय पर गतिविधि पत्रक, वर्कशीट एवं शिक्षण सामग्री तैयार करना । | सुरेश |
| 4:30 – 5:00 | 🍵 सायंकालीन जलपान | — |
| 5:00 – 5:50 | 🎤 विशेष व्याख्यान – संस्कृत में उच्च शिक्षा एवं विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाएँ, छात्रवृत्तियाँ एवं शैक्षणिक अवसर । | विशेषज्ञ |
| 5:50 – 6:00 | ❓ शंका समाधान / प्रश्नोत्तर। | सत्र खुला |
| 6:00 – 6:15 | 📋 प्रशिक्षु द्वारा तृतीय दिवस का सार कथन। | प्रशिक्षु |
📝 गृहकार्य - तृतीय दिवस:
सभी प्रशिक्षु द्वारा व्याख्यान का सारांश लेखन तथा उस पर समीक्षा लेखन किया जाएगा।
✅ दिवस 3 का व्यावहारिक परिणाम :
- • प्रत्येक प्रशिक्षु कम से कम एक संस्कृत शिक्षण खेल तैयार करेगा।
- • प्रत्येक प्रशिक्षु एक व्याकरण आधारित वर्कशीट बनाएगा।
- • प्रशिक्षु कठिन सन्धि प्रकरण को खेल के माध्यम से पढ़ाने का अभ्यास करेंगे।
- • सरकारी योजनाओं एवं उच्च शिक्षा के अवसरों की जानकारी देने वाला एक विद्यालय उपयोगी सूचना-पत्र तैयार करेंगे।
🌅 दिवस 4 (मंगलवार, 17 नवम्बर 2026)
विषय : ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेज, एआई तकनीक, कृदन्त प्रत्यय एवं सामूहिक शिक्षण प्रदर्शन
🎯 उद्देश्य: एआई और डिजिटल संसाधनों/ चार्ट आधारित शिक्षण सामग्री तैयार करना तथा प्रत्येक प्रशिक्षु की वास्तविक शिक्षण क्षमता का परीक्षण करना।
| समय | सत्र एवं विषयवस्तु | उत्तरदायित्व |
|---|---|---|
| 9:00 – 10:15 | संस्कृत संभाषण (भाग 4) – क्त्वा, तुमुन् एवं ल्यप् प्रत्ययों के प्रयोग से विस्तृत वाक्य । | राम |
| 10:15 – 10:45 | 📝 पठित पाठ पर लघुकथा निर्माण । | समूह कार्य |
| 10:45 – 12:15 | साहित्य शिक्षण एवं चार्ट निर्माण कार्यशाला – नीतिशतकम्, रघुवंशम् एवं किरातार्जुनीयम् की सूक्तियों का चयन; आकर्षक शैक्षणिक चार्ट तैयार करना | श्याम |
| 12:15 – 1:15 | 🍱 भोजनावकाश | — |
| 1:15 – 2:45 | एआई एवं ओपन रिसोर्सेज – AI के माध्यम से पाठ योजना, पाठ्यपुस्तक आधारित प्रश्न बैंक निर्माण कौशल, चित्र आधारित शिक्षण सामग्री निर्माण, अन्य ओपन रिसोर्सेज से परिचय, उपयोग की विधि एवं डिजिटल शिक्षण सामग्री तैयार करना । | मोहन |
| 3:00 – 5:30 | 🎓 सामूहिक माइक्रो टीचिंग (शिक्षण प्रदर्शन) एक कक्ष में 10 प्रशिक्षु द्वारा अपनी विद्यालयीय पाठ्यपुस्तक के किसी एक विषय पर 15 मिनट का शिक्षण, तत्पश्चात् विशेषज्ञों द्वारा प्रतिक्रिया एवं सुझाव । | सभी विशेषज्ञ |
| 5:30 – 5:45 | 📋 एक प्रशिक्षु द्वारा दिनभर की गतिविधि का सार कथन | प्रशिक्षु |
✅ दिवस 4 का व्यावहारिक परिणाम :
- • प्रत्येक प्रशिक्षु एक पाठ योजना तैयार करेगा।
- • प्रशिक्षु अपनी पाठ्यपुस्तक के एक अध्याय पर डिजिटल/ हस्तनिर्मित सामग्री बनाएगा।
- • 20 प्रशिक्षु 15-15 मिनट का शिक्षण प्रदर्शन करेंगे।
- • प्रशिक्षकों द्वारा शिक्षण की भाषा, विषयवस्तु, प्रस्तुतीकरण, विद्यार्थी सहभागिता एवं शिक्षण सामग्री के उपयोग पर सुझाव दिए जाएँगे।
⏳ माइक्रो टीचिंग के लिए समय गणना:
20 प्रशिक्षु × 15 मिनट = 300 मिनट का कुल व्यक्तिगत शिक्षण समय। 10 अन्य प्रशिक्षुओं के लिए आवश्यकतानुसार अलग-अलग कक्षों का उपयोग किया जा सकता है।
🌅 दिवस 5 (बुधवार, 18 नवम्बर 2026)
विषय : आधुनिक मूल्यांकन, शिक्षण दक्षता का परीक्षण एवं प्रशिक्षण का समापन
🎯 उद्देश्य: प्रशिक्षण में अर्जित ज्ञान एवं कौशल का मूल्यांकन तथा विद्यालय में उसके प्रयोग की कार्ययोजना तैयार करना।
| समय | सत्र एवं विषयवस्तु | उत्तरदायित्व |
|---|---|---|
| 9:00 – 10:45 | संस्कृत संभाषण (भाग 5) – विद्यालय में नामांकन, स्थानीय स्तर पर प्रभावी प्रचार, आंतरिक टीम-वर्क का महत्व, सांस्कृतिक आयोजन, जन-जागरण शिविर व वार्षिक सांस्कृतिक कैलेंडर / उत्सव की संयुक्त रणनीतिक, स्थानीय मीडिया का सहयोग जैसे विषयों पर भाषण एवं वाद-विवाद | राम |
| 10:45 – 12:15 | छन्द ज्ञान, उच्चारण एवं स्मरण – छन्द परिचय तथा विद्यार्थियों को श्लोक याद कराने की विधि | श्याम |
| 12:15 – 1:15 | 🍱 भोजनावकाश | — |
| 1:15 – 2:45 | नवीन मूल्यांकन प्रणाली – Google Forms, Kahoot के माध्यम से ऑनलाइन टेस्ट, MCQ बहुविकल्पीय प्रश्नपत्र का निर्माण, शब्दशिल्पी, श्लोकसंधानम् गेमिंग ऐप से परिचय एवं गेम आधारित मूल्यांकन तैयार करना । | मोहन |
| 3:00 – 4:00 | 👥 समूह समीक्षा एवं विद्यालयी कार्ययोजना छह समूहों द्वारा ऑनलाइन व्याख्यान/अध्ययन सामग्री की समीक्षा प्रस्तुति, चार्ट प्रदर्शन एवं विद्यालय में लागू करने की योजना । (प्रत्येक समूह को 10 मिनट आवंटित) | सभी समूह |
👥 छह समूहों का गठन एवं समीक्षा कार्य
30 प्रशिक्षुओं को छह समूहों में पाँच-पाँच सदस्यों के अनुसार विभाजित किया जाएगा। प्रत्येक समूह को एक विशिष्ट विषय आवंटित करके उससे संबंधित ऑनलाइन व्याख्यान अथवा प्रमाणिक अध्ययन सामग्री का लिंक उपलब्ध कराया जाएगा।
| समूह | आवंटित विषय | समीक्षा में सम्मिलित किए जाने वाले मुख्य बिन्दु |
|---|---|---|
| समूह-1 | भारतीय ज्ञान परम्परा | संस्कृत ग्रन्थों में निहित ज्ञान एवं विद्यालयी शिक्षा में व्यावहारिक उपयोग |
| समूह-2 | संस्कृत एवं आधुनिक ज्ञान परम्परा | भारतीय ज्ञान परम्परा का आधुनिक शिक्षा प्रणाली से अंतर्संबंध |
| समूह-3 | संस्कृत से संभावना | निजी, शैक्षणिक तथा सरकारी क्षेत्रों में संस्कृत आधारित रोजगार के अवसर |
| समूह-4 | संस्कृत में उच्च शिक्षा | शास्त्री, आचार्य, शोध (Ph.D.), विशिष्ट विश्वविद्यालय एवं अन्य उच्च शिक्षा के अवसर |
| समूह-5 | विद्यार्थियों के लिए सरकारी योजनाएँ | विशिष्ट छात्रवृत्तियाँ, संस्कृत अध्ययन प्रोत्साहन राशि एवं अन्य शैक्षणिक योजनाएँ |
| समूह-6 | संस्कृत शिक्षण में डिजिटल व एआई | डिजिटल सामग्री निर्माण, ऑनलाइन स्वाध्याय ऐप्स एवं आधुनिक एआई (AI) तकनीक का उपयोग |
- प्रत्येक समूह को उनके संबंधित विषय की ऑनलाइन प्रामाणिक सामग्री/व्याख्यान का लिंक उपलब्ध कराया जाएगा।
- समूह के सभी पाँचों सदस्य आवंटित सामग्री का गहन अध्ययन व विमर्श करेंगे।
- समूह सामूहिक विचार-विमर्श के आधार पर लगभग 1 से 2 पृष्ठ का एक संक्षिप्त मुख्य बिंदु (Bullet-points) आधारित आलेख तैयार करेगा।
- इस समीक्षा आलेख में मुख्य रूप से: विषय का सार, प्रमुख निष्कर्ष, उपयोगिता एवं माध्यमिक स्तर पर उसके व्यावहारिक अनुप्रयोग को अनिवार्यतः सम्मिलित किया जाएगा।
🎓 समापन सत्र एवं व्यापक मूल्यांकन
| समय | सत्र, विषयवस्तु एवं विधि | अवधि |
|---|---|---|
| 4:00 – 4:20 | 🍵 सायंकालीन जलपान | 20 मिनट |
| 4:30 – 5:00 | ✏ अंतिम परीक्षा (वस्तुनिष्ठ एवं संक्षिप्त मूल्यांकन) पाठ्यक्रम में निर्धारित व्याकरण, ग्रन्थावृत्ति, नवीन शिक्षण विधि एवं सीखे गए डिजिटल/एआई कौशल की दक्षता का अंतिम मूल्यांकन। | 30 मिनट |
| 5:00 – 5:45 | ✨ औपचारिक समापन सत्र व दीक्षांत मनोनित प्रशिक्षु शिक्षक द्वारा संपूर्ण 5-दिवसीय प्रशिक्षण का प्रतिवेदन (Report) वाचन, संस्थान द्वारा प्रमाणपत्र वितरण एवं धन्यवाद ज्ञापन। | 45 मिनट |
✅ दिवस 5 का व्यावहारिक परिणाम :
- • प्रत्येक प्रशिक्षु एक ऑनलाइन टेस्ट तैयार करेगा।
- • समीक्षा में अध्ययन सामग्री की उपयोगिता, संस्कृत शिक्षण में उसकी प्रासंगिकता एवं विद्यालय स्तर पर उसके व्यावहारिक उपयोग को सम्मिलित किया जाएगा।
- • सभी प्रशिक्षुओं की अंतिम परीक्षा आयोजित की जाएगी।
- • समापन सत्र में एक प्रशिक्षु शिक्षक पूरे पाँच दिवसीय प्रशिक्षण का सारांश प्रस्तुत करेगा।
4. चारों प्रशिक्षकों को विषयवार कार्य आवंटन
प्रशिक्षण में विषयों की निरंतरता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए चारों प्रशिक्षकों का कार्य निम्नानुसार निर्धारित किया जा सकता है।
प्रशिक्षक आवंटित प्रमुख विषय उत्तरदायित्व
राम संस्कृत संभाषण एवं भाषा कौशल पाँचों दिनों में संभाषण प्रशिक्षण, संवाद निर्माण, संस्कृत भाषण एवं विशेष व्याख्यान
श्याम ग्रन्थावृत्ति, व्याकरण एवं शुद्ध उच्चारण लघुसिद्धान्तकौमुदी, महेश्वर सूत्र, सन्धि, नीतिशतकम् एवं पारायण
मोहन डिजिटल साक्षरता, एडटेक एवं एआई यूनिकोड, डिजिटल टूल्स, एआई, ऑनलाइन मूल्यांकन एवं ई-कंटेंट निर्माण
सुरेश पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षण एवं नवाचार आगमन-निगमन विधि, रोल-प्ले, खेल आधारित शिक्षण, पाठ योजना एवं माइक्रो टीचिंग
इस व्यवस्था में चारों प्रशिक्षक अपने-अपने विषय के विशेषज्ञ के रूप में पूरे प्रशिक्षण में निरंतरता बनाए रख सकेंगे। चतुर्थ दिवस को सभी चारों प्रशिक्षक अलग-अलग समूहों का मूल्यांकन करेंगे।
5. प्रशिक्षु शिक्षकों की सहभागिता एवं मूल्यांकन
प्रशिक्षण को सहभागितापूर्ण बनाने के लिए निम्नलिखित व्यवस्था प्रस्तावित है।
क्र.सं. गतिविधि अवधि / आवृत्ति
1 प्रत्येक दिवस के उद्घाटन एवं समापन कार्यक्रम का संचालन एक प्रशिक्षु द्वारा किया जाएगा। 5 मिनट
2 प्रत्येक दिवस के अंत में पाठित पाठ का वृत्त कथन 5 मिनट प्रति सत्र
3 प्रशिक्षु द्वारा विद्यालयीय पाठ्यवस्तु का शिक्षण प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं पंचम दिवस में एक-एक प्रशिक्षु
3 भारतीय ज्ञान परम्परा, रोजगार एवं उच्च शिक्षा/सरकारी योजनाओं पर व्याख्यान तीन विशेष व्याख्यान
4 समूह अध्ययन एवं लिखित समीक्षा छह समूह
5 प्रशिक्षुओं का शिक्षण प्रदर्शन चतुर्थ दिवस, 15 मिनट प्रति प्रशिक्षु
6 अंतिम लिखित एवं व्यावहारिक परीक्षा पंचम दिवस
7. आवश्यक व्यवस्थाएँ
प्रशिक्षण के सुचारु संचालन के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएँ भी की जाएगी।
(क) आवास एवं भोजन
- 30 प्रशिक्षु शिक्षकों के लिए संस्थान के उपलब्ध अतिथि कक्षों में आवास की व्यवस्था।
- प्रतिदिन प्रातः जलपान, दोपहर का भोजन एवं सायंकालीन जलपान।
- प्रशिक्षणार्थियों को अध्ययन सामग्री, नोटबुक एवं आवश्यक लेखन सामग्री उपलब्ध कराना।
(ख) डिजिटल एवं शिक्षण संसाधन
- प्रशिक्षण कक्ष में प्रोजेक्टर, लैपटॉप, इंटरनेट एवं ध्वनि व्यवस्था।
- प्रशिक्षुओं को मोबाइल अथवा लैपटॉप के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण का अवसर।
- ऑनलाइन अध्ययन सामग्री एवं व्याख्यान के लिंक साझा करने के लिए एक WhatsApp समूह।
- माइक्रो टीचिंग के लिए अलग-अलग कक्षों की व्यवस्था।
(ग) प्रशिक्षण अभिलेख
- प्रतिदिन उपस्थिति पंजिका।
- प्रत्येक प्रशिक्षु के शिक्षण प्रदर्शन का मूल्यांकन प्रपत्र।
- छह समूहों की लिखित समीक्षा।
- अंतिम परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाएँ एवं मूल्यांकन अभिलेख।
- प्रशिक्षण के अंत में प्रमाणपत्र।









