आधुनिक संस्कृत गीतकारों की प्रतिनिधि रचनाएँ
प्रिय अध्येताओं, गायकों एवं शोधकर्ताओं,
इस अनूठे डिजिटल प्रकल्प में अब तक 13 भागों में संस्कृत गीतकारों की कतिपय दुर्लभ और प्रतिनिधि रचनाओं का संकलन किया गया है, ताकि संस्कृत गीतों में रुचि रखने वाले अध्येता नवीन रचनाओं से भली-भांति परिचित हो सकें। अलग-अलग ब्लॉग पोस्ट में बिखरे इन गीतों को यहाँ एक स्थान पर संयोजित कर देने से उन गायकों को विशेष सुविधा होगी, जो इन गीतों को सस्वर गाना चाहते हैं। हमारा यह प्रयास निरंतर गतिमान है; आने वाले दिनों में अन्य छूटे हुए तथा नवीन गीतकारों को भी यहाँ सादर स्थान दिया जाता रहेगा।
इस संकलन का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पोस्ट में किसी एक या दो गीतकारों के दो या अधिक गीतों को सामने लाना है। इनमें से कई गीत अन्यत्र मिलना अत्यंत दुर्लभ हैं, जिन्हें रचनाकारों की मूल कृतियों से सीधे साभार संकलित किया गया है। इन गीतों को डिजिटल प्रारूप में मुद्रित कर यहाँ प्रकाशित करने से न केवल कवियों की अनमोल रचनाओं को संरक्षण व प्रसार मिलेगा, बल्कि हमारी नई पीढ़ी भी आधुनिक संस्कृत गीतकारों के अद्वितीय अवदान से सुपरिचित हो सकेगी।
विगत वर्षों के अनुभव से मैंने यह महसूस किया है कि संस्कृत के कवि अपने जीवनकाल में रचनाएँ तो प्रकाशित कराते हैं, परंतु व्यापक जन-अभिरुचि के अभाव में कुछ ही वर्षों बाद वे कृतियाँ अप्राप्त हो जाती हैं। यद्यपि अब विद्यालयी और विश्वविद्यालयी पाठ्यक्रमों में आधुनिक रचनाकारों को स्थान मिलने लगा है, तथापि उन पाठ्यक्रमों की अपनी एक सीमा होती है। पाठ्यक्रम की उसी सीमा को लांघकर, यह प्रकल्प पाठकों के भीतर संस्कृत साहित्य के प्रति और अधिक पढ़ने की गहरी रुचि जागृत करने का एक विनम्र प्रयास है।





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