गुरुवार, 20 अगस्त 2015

संस्कृत के समक्ष चुनौतियां एवं समाधान

संस्कृत सप्ताह सन्निकट है। इस अवसर पर हम कुछ विशेष कार्य कर सकते हैं। यथा--
1- अपने परिचितों को संस्कृत सप्ताह का शुभकामना सन्देश भेजना/ भिजवाना।
2- एक और मित्र को साथ लेकर अपने आसपास एक वैनर पर हस्ताक्षर अभियान चलाना।
3- अपने गांव मुहल्ले में संस्कृत सप्ताह की शुभकामना लिखा कागज/ वैनर जहाँ तहाँ लगाना।
4. एक दिन पडोस के बच्चों को इकट्ठा कर सरल श्लोक याद करा देना, उनसे सुन लेना।
5-मित्रों के साथ परिचितों के घर जाकर संस्कृ के बारे में चर्चा करना।
उपर्युक्त कार्यों में से क्रम 1,3,4 एवं 5 में धनराशि की आवश्यकता नहीं हैं। टिप्स पाने के लिए मैसेज करें।




संस्कृत का कवि सम्मेलन अर्थात् विश्वविद्यालय के अध्यापकों का समागम? हिन्दी में ऐसा नहीं दिखता। हम समाज के सामने क्या प्रदर्शित करना चाहते है? क्या माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक के संस्कृत विद्वान् कविता नहीं लिखते? लिखते हैं। इस प्रकार के संस्कृत कवि सम्मेलन में माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक के प्राध्यापकों को निश्चय ही सम्मिलित किया जाना चाहिए। आखिर यही अध्यापक अपने बच्चों को संस्कृत की कविता पढकर सुनायेंगें और आगे पढने की प्रेरणा देगें।
संस्कृत पत्र पत्रिका के सम्पादक प्रकाशकों के अपेक्षा अन्य क्षेत्र के पत्रिकाओं के वितरक / प्रकाशक पत्रिका के विक्रय में अधिक सक्रिय होते हैं। उनके पास विभिन्न सरकारी, गैर सरकारी संस्थाओं की सूची होती है,जहाँ वे पत्रिका की सदस्यता के लिए निरंतर पत्राचार करते रहते हैं। संस्कृत क्षेत्र के प्रकाशकों को भी विभिन्न सरकारी, गैर सरकारी संस्थाओं में पत्रिका के क्रय/ सदस्यता के लिए पत्राचार करना श्रेयस्कर होगा।


पहले मैं शोध किये व्यक्ति से नेट उत्तीर्ण को अधिक योग्य समझता था। कारण स्पष्ट था। शोध कार्य किसने पूर्ण किया? इसका योग्यतर उत्तर ढूंढना कठिन था। शोध परीक्षा में शायद ही कोई अनुत्तीर्ण होता होगा, परन्तु जब से यू0जी0सी0 ने केवल सही निशान लगाने का प्रावधान किया, हद हो गयी। जिसे दो पांच श्लोक, सूत्र याद न हो, वे भी नेट उत्तीर्ण हो रहे हैं। आखिर उच्च शिक्षा में केवल सूचनात्मक ज्ञान प्राप्त व्यक्ति, शिक्षा को नई दिशा कैसे दे सकेगा।

आज लोग किस भाषा में लिखते और बोलते हैं समझना कठिन है। भाषाई समझ इतनी कमजोर होने लगी कि यह समझ ही नहीं पाते कौन शब्द हिन्दी/उर्दू या अंग्रेजी का है।

आइये हम कुछ सर्जनात्मक गतिविधि में भी भाग लें। संस्कृत भाषा की जीवन्तता समाज के सम्मुख रखें। अपनी सोच, रचना, संस्मरण साझा करें। संस्कृतज्ञ के रूप में आप सेवा दें। संस्कृत के प्रसार में सहयोगी बनें। आकर्षक एवं गुणवत्ता युक्त ई पत्रिका में प्रकाशनार्थ अपने फोटोग्राफ के साथ jagdanand73@gmail.com पर संस्कृत विषयक सामग्री भेजें।

1- यह सही है कि संस्कृत में रोजगार के अवसर अपेक्षाकृत कम हो गये परन्तु आज भी कोई भी संस्कृतज्ञ भूखा नहीं रहता।
2- रोजगार के अवसर कम होने का एक उदाहरण देखिये, बाल साहित्य का पंचतंत्र जैसे तमाम अनुपम संस्कृत ग्रन्थों का एनिमेशन बनाकर लोग लाखों अर्जित कर रहे हैं परन्तु संस्कृत के पास ऐसे तमाम बौद्धिक सम्पदा रहते हुए भी हमें उस लायक शिक्षा एवं बुनियादी ढ़ांचा नहीं दी गयी। जिससे हम इसे रोजगार परक बना सकें।
3- बृहत्संहिता एवं अनेक संस्कृत ग्रन्थों में दीमक जैसे गृह कीटों के रोकथाम के उपाय वर्णित हैं जिसके आधार पर मैंने अपने ब्लाग sanskritbhasi.blogspot.in पर भी लेख लिखा। क्या हम इसपर और शोध कर आत्मनिर्भर नहीं हो सकते थे? क्या हमें संसाधन मिल पा रहा है?


रंगमंच के विकास के लिए संगीत नाटक अकादमी बना। वहाँ संस्कृत नाटक और नाट्यशास्त्र को उचित प्रोत्साहन नहीं मिला। हम सिनेमा में योगदान नहीं दे पाये। संस्कृत नाट्यविद्यालय की अलग से स्थापना की आवश्यकता है।

क्या हम समाज में संस्कृत विद्या के बारे में ये संदेश दे पाये। अपने प्रायोगिक पाठ्यक्रम में रखें हैं?
1- रंगमंच का विकास संस्कृत के ग्रंथ नाट्यशास्त्र से हुआ। आज भी पथप्रदर्शक और जीवन्त है।
2-संगीत, दृश्यकला,(शिल्प,चित्र आदि) वास्तु का विकास संस्कृत से हुआ।
3-काल गणना,भौतिकी(वैशेषिक दर्शन) का विकास संस्कृत से हुआ।
हमें जनहित के तमाम क्षेत्रों में शोध के लिए अवसर एवं धनराशि नहीं दिये गये। हमें केवल मानविकी तथा पूजा पाठ तक सीमित रखा गया।


एक आग्रह-
हर व्यक्ति घर में एक संस्कृत की पुस्तक जरुर रखें। उपहार में संस्कृत की पुस्तक भेंट दें।
संस्कृत की पुस्तक घर में न हो, आसपास वातावरण न हो तो बच्चे, जवान, बूढे को उत्सुकता भी नहीं होगी।

क्या हम जीवन व्यवहार में संस्कृत का कहीं आग्रह करते हैं? जब भी कोई लाभार्थी आपसे लाभ पाना चाहे, संस्कृत का आग्रह करें।

संस्कृत विद्या का उपहास तो होगा हीं क्योकि-
1- संस्कृतज्ञ वित्तीय व्यवहार ( वीमा, शिक्षा आदि ) असंस्कृतज्ञ के साथ करके उन्हें मजबूत करते हैं।
2- संस्कृत की डिग्री लेकर असंस्कृतज्ञ नौकरी पा जाते हैं और हमें हीं चिढाते हैं।
3- संस्कृत के प्रतिष्ठानों में असंस्कृतज्ञ नौकरी पाकर मौज करते हैं। संस्कृतज्ञ हाथ मलता है।
4- क्योकि- हम विरोध नहीं करते और संस्कृत का कहीं आग्रह ही नहीं करते।


अर्थव्यवस्था पर काविज लोग मेडिक्लेम में आयुर्वैदिक उपचार को नहीं रखते। सरकारें ज्योतिष नक्षत्रशाला के लिए धन नहीं देती। तो क्यों न हो संस्कृत का सत्यानाश।
इस देश के स्कूल में सिर्फ विदेशी भाषा ही क्यों नहीं पढाते ? विदेशी भाषा के पैरोकार अपने खानदान को विदेशी भाषा हीं पढायें । विदेशी बन जायें और खूब पैसा कमायें।
दरसल इस विदेशी भाषा वाली बुरी सोच के पीछे धनलोलुप और मौके का फायदा लेने बाले लोग हैं। यही लोग यहाँ के अर्थव्यवस्था पर काविज है। जिस दिन विदेशी भाषा देश की भाषा हो जायेगी इनका गुरु ज्ञान और धंधा बन्द हो जायेगा।
संस्कृत विषयक वैचारिक लेख पढिये।

संस्कृत पत्रिकाओं के नाम एवं पता

संस्कृत भाषा में प्रकाशित पत्रों में सर्वाधिक प्राचीन पत्र काशी विद्यासुधानिधि है। इसका दूसरा नाम पंडित था। इसे 1 जून 1866 ईसवी को गवर्नमेंट संस्कृत कॉलेज से प्रकाशित किया गया। यह मासिक पत्र था। काशी से ही 1967 ईस्वी में क्रमनंदिनी का प्रकाशन शुरू हुआ। ये दोनों पत्रिकाएं प्राचीन संस्कृत ग्रंथों का प्रकाशन करती थी। उनमें विशुद्ध समाचार पत्रों के लक्षण नहीं थे। लाहौर से अप्रैल 1872 ईसवी में विद्योदय विशुद्ध समाचार पत्र के रूप में अवतरित हुआ। ऋषिकेश भट्टाचार्य के संपादन में इस पत्रिका ने संस्कृत पत्रकारिता को अपूर्व संबल प्रदान किया। विद्योदय से प्रेरणा पाकर संस्कृत में अनेक नए पत्रों का जन्म हुआ । 17 अक्टूबर 1884 को कुट्टूर (केरल) में विज्ञानचिंतामणिः नामक मासिक पत्र का प्रकाशन प्रारंभ हुआ। कालांतर में यह पत्र साप्ताहिक हो गया। नीलकान्त शास्त्री के संपादकत्व में प्रकाशित यह पत्र संस्कृत पत्रकारिता के विकास में मील का पत्थर साबित हुआ। 19वीं शताब्दी के अंतिम दो दशकों में पचास से अधिक संस्कृत पत्रों का प्रकाशन हुआ। स्वतंत्रता आंदोलन की दृष्टि से उनमें संस्कृत चन्द्रिका तथा सहृदया  का विशेष स्थान है। पहले कोलकाता और बाद में कोल्हापुर से प्रकाशित होने वाली संस्कृत चन्द्रिका ने अप्पाशास्त्री राशिवडेकर के सम्पादकत्व में  ख्याति अर्जित की। इसमें राजनीति लेख प्रकाशित होते थे, जिसके कारण अनेक बार इन्हें जेल जाना पड़ा।
           उन्नीसवीं तथा बीसवीं शताब्दी में अनेक संस्कृत पत्र का प्रकाशन हुआ है। इन पत्र- पत्रिकाओं के नाम एवं प्रकाशन आरम्भ का वर्ष निम्नानुसार हैं।
            पत्रों के नाम       प्रकाशन आरम्भ वर्ष
1.    काशी विद्यासुधानिधि      1866
2.     विद्योदय                    1872 
3.    विज्ञानचिंतामणिः           1884  
4.    भारतधर्म                       1901
5.    श्री काशी पत्रिका            1907
6.    विद्या                            1913
7.    शारदा                           1915
8.    संस्कृत साकेत                 1920
9.    आनंद पत्रिका                 1923
10. गीर्वाण                          1924
11. शारदा                           1924
12. ब्राह्मण महासम्मेलनम्     1948
13. श्रीः                               1931
14. उषा                              1934
15. संस्कृत ग्रंथमाला             1936
16. भारतश्री                        1940  
17. गुरुकुल पत्रिका               1948
18. भारती                           1950
19. संस्कृत भवितव्यम्           1952
20. दिव्यज्योतिः                   1956
21. शारदा                           1959
22. विश्वसंस्कृतम्                 1963
23. संवित्                            1965
24. सुधर्मा                           1970
25. सुप्रभातम्                       1976
26. गाण्डीवम्                      1976
27. संस्कृत श्री                      1976
28. प्रभातम्                         1980
29. लोकसंस्कृतम्                  1983
30. ब्रजगंधा                         1988
31. श्यामला                        1989  
डॉ. शिवबालक द्विवेदी के सम्पादन में कानपुर से तथा डॉ. कृष्णनारायण पाण्डेय के सम्पादन में लखनऊ से प्रभातम् पत्र कुछ वर्षों तक  दैनिक समाचार पत्र के रूप में प्रकाशित हुआ, जो अब बंद हो चुका है। अभी सुधर्मा, सृजन वाणी तथा विश्वस्य वृत्तान्तः ये तीनों दैनिक समाचार पत्र प्रकाशित हो रहे हैं।
वर्ष 2018 तक मेरे संज्ञान में आये संस्कृत में कुल 45 पत्र निरन्तर प्रकाशित हो रहे हैं, इनका पता सहित सूची नीचे दी गयी है। इधर ई- पत्रिकायें भी आरम्भ हुई है, जिसकी कुल संख्या 7 है। इनके लिंक दे दिये गये हैं। उपलब्ध सूची में तीन दैनिक,3 साप्ताहिक, 4 पाक्षिक, 11 मासिक, 9 त्रैमासिक, 11 षाण्मासिक तथा 2 अन्य कोटि के हैं। अभी यह कहना मुश्किल है कि इन पत्रों में से किसकी सर्वाधिक प्रसार संख्या है।
इनमें मुद्रित प्रतियों की संख्या अंकित नहीं होती। यदि सभी पत्रों के मुद्रित प्रतियाँ ज्ञात हो जाय तो उसके अनुसार उसकी सम्मिलित प्रचार संख्या ज्ञात हो सकेगी।
अब तक प्राप्त विवरण से स्पष्ट है कि समाचार पत्र के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों से प्रकाशित पत्रों की स्थिति इस प्रकार है।
राज्य के नाम                  प्रकाशित पत्रिकाओं की संख्या
1.    उत्तर प्रदेश                          12
2.    महाराष्ट्र                              09
3.     दिल्ली                               05
4.    कर्णाटक                              03
5.    गुजरात                              03
6.    मध्य प्रदेश                          02
7.    उत्तरांचल                           02
8.    उड़ीसा                                02
9.    बंगाल                                01
10. केरल                                  01
11. राजस्थान                           01
12. बिहार                                01
13. हरियाणा                            01
14. हिमाचल प्रदेश                    01

इस सूची में ई- पत्रिकाओं को राज्यशः अलग नहीं दर्शाया गया है। अबतक जिन पत्र- पत्रिकाओं को सम्मिलित नहीं किया जा सका है,यदि उसके नाम एवं पता की जानकारी आपके पास उपलब्ध हो तो टिप्पणी में अवश्य लिखें।

पत्रिका नाम                                              आवधिकता           सम्पादक
सुधर्मा                                                        (दैनिक) 
561,2-रामचन्द्र अग्रहार,मैसूर-570 004                                के.वि.संपत् कुमार             
 कर्णाटक, दूरवाणी-0821-2442835
www.sudharmasanskritdaily.in


विश्वस्य वृत्तान्तम्                                    दैनिक)
द्वितीय तल, आई डी बी आई बैंक                                      एस. एन. संजेलीवाला
 ए टी एम के ऊपर,उधना, सूरत, गुजरात,                                                                
                                                                              98259 18190

प्रभातम्                                                दैनिक) (प्रकाशन बंद हो गया)
समन्वय कुटीरम् ई-1051, राजाजीपुरम्,                           डॉ. कृष्णनारायण पाण्डेय
 लखनऊ                                                                 sanskritanand@gmail.com
                                                                                 0876 54571 30

सृजन वाणी                                               दैनिक)
    दिल्ली                                                           डॉ. दिवाकर शास्त्री

 गाण्डीवम्                                              (साप्ताहिकी)
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय                         हरि प्रसाद अधिकारी
वाराणसी-221002                                         Sanskrit_griham@yahoo.in

 संस्कृत भवितव्यम्                           (साप्ताहिकी)

संस्कृत भवनम् 2 पश्चिम उच्च न्यायालय मार्गः,                    चन्द्रगुप्त वर्णेकर
नागपुरम्-440001                                                09370803913
                                                                                                      

प्रयागम् 
भारतीय मनीषा सूत्रम्           (साप्ताहिकी)                         शिवशंकर त्रिपाठी
571/253 कच्ची सडक, दारागंज,                                  9415703860,9369492819
इलाहाबाद-211006
prayagamweekly@gmail.com  

श्री भट्टसत्ता 
मंगल भवन                         (साप्ताहिकी)                  डॉ. आनन्द कुमार श्रीवास्तव
441,सुभाष नगर,                                               9415235638,9452691025
इलाहाबाद-211006











वाक्                                                         (पाक्षिकी)
11, नालापानी मार्गः चुघवसतिः,                                                   डॉ. बुद्धदेव शर्मा
 देहरादूनम्-2480001                 
vakvarta@gmail.com                                                        9411 11 1185                                                   drdrbuddhdev5@gmail.com                                                    
 www.vaksanskrit.com   

संस्कृत वाणी                                           (पाक्षिकी)
 174, रामानुज मार्गः इब्राहिम पुरम्,                                                जीवन शर्मा
 दिल्ली-110036                                                             sanskritvanee@gmail.com     
 09818378284,  085888505551

संस्कृतवर्तमानपत्रम्                               (पाक्षिकी)         

एल. 2 न्यू विक्रम बाग,                                                     प्रफुल्ल पुरोहित
प्रतापगंज,वडोदरा-390 002                                            937 62174 77
                                                                      praful4545@yahoo.com
संस्कृत-संवादः                            (पाक्षिकी)

ए-2/32, बदीराबाद मार्ग, भजनपुरा, दिल्ली-53                            9311086751
                                                                                       sanskritsamvad@gmail.com


ऋतम्                                        मासिकी     
क्वाटर  नं. 24, ललितपुर कालोनी                                   श्याम मोहन मिश्र
लश्कर-ग्वालियर-474 009                                              94257 07385
मध्यप्रदेश                                                             

भारतोदय

 गुरूकुल महाविद्यालय,                   मासिकी                        हरि गोपाल शास्त्री
 ज्वालापुर हरिद्वार-249405 (उत्तराखण्ड)                               01334-254295

बाल-संस्कृतम्

 उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम्                                         0522-2780251
न्यू हैदराबाद,लखनऊ-226007                                  upsamskritsansthanam@yahoo.com

संस्कृत चन्द्रिका                              मासिकी
 दिल्ली संस्कृत अकादमी                                                                 सचिव
 प्लाट सं0 5 झण्डेवालान,                                           011-23635592, 23681835
 करोल बाग, नई दिल्ली-110005

सम्भाषण सन्देशः

अक्षरम्, गिरिनगरम्,                  मासिकी                             जनार्दन हेगडे
बेंगलूरु, 560 085                                                       080 2672 2576, 2672 1052
samskritam@gmail.com

संस्कृत-रत्नाकरः
सस्कृत भवन, ए-10, अरुणा आसफ   मासिकी             रमाकान्त गोस्वामी  
अली मार्ग,कुतुब सांस्थानिक क्षेत्र,                        011-41552221,9818475418
नई दिल्ली-97

लोकभाषा सुश्रीः                                                      (मासिकी)
सरस्वती विहार,बरपदा                                                          सदानन्द दीक्षित
भद्रक,ओडिशा- 756113                                                        943 82981 81
www.samskrita.co.in 
     
सत्यानन्दम्                                   (मासिकी)
1, आइ.पि. रोड,यादवपुरम्                                                   933 10172 62
कोलकाता-700 032                                                             900 72183 54

रसना                                   (मासिकी)                 
अस्मिता पब्लिकेशन्स                                         डॉ.श्यामला कृष्णश्री    

यशोदा बिल्डिंग्स, पुट्टियरा                                9387682443, 944 7874 46
काज़ीकोड, केरल 673 004                             www.rasanamagazine.com                              
asmitacalicut@gmail.com    
rasana@live.in                                                      

गीर्वाणसुधा                           (मासिकी)
देववाणी मंदिरम्                                                         सौ. कमल अभ्यंकर
भीमाबाई राणे शाळा,                                                   सौ. वीणा गोडबोले
तळमजला, राजा राममोहन रॉय मार्ग,
गिरगाव,मुंबई-400 004
devavaneemandiram@gmail.com

भारतमुद्रा                                            (मासिकी)
पुरनाट्टुकरा, पि ओ, त्रिश्शूर,                                             अशोकन् पुरनट्टुकरा
केरल 680 551                                                       04872307412,  949538712

अतुल्य भारतम्                                                            

माखन लाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं                     डॉ. कृष्णचन्द्र पाण्डेय
संचार विश्वविद्यालय, भोपाल, मध्य प्रदेश                 9425008479, 9810373278
patrika.atulyabharat@gmail.com

शारदा                                                            

1, झेलम, पत्रकारनगर,                     डॉ. पं. वसन्त अ. गाडगील
पुणे 411016 (महाराष्ट्र)                   9881140124
                                                esharada@gmail.com

गुञ्जारवः                                      त्रैमासिकी  
 गीतयनम् सर्वहे नं0 39/1/1-अ प्लाट सं. 7                       दे.ख. खरवंडीकर
 निकट नरहरि नगर, गुलमोहर पथ,                                 dkkharwandikar@yahoo.in
अहमदनगर-414003                                              0241-2422440, 09890845458           

 संगमनी                                   त्रैमासिकी                                                       

 भारतीय मनीषा सूत्रम्,                                           शिवशंकर त्रिपाठी                                       sangamaniprayag@gmail.com
571/253 कच्ची सडक, दारागंज,                               0532-2507904                      
 इलाहाबाद-211006                              9336163911,9369492819,9415703860

 संस्कृत संवर्धनम्

स्वरानंद, प्राध्यापक वसाहत,                              डॉ. मधुसूदन बोपर्डीकर
सावेडी, अहमद नगर-414003                             0940 42454 21

सुश्री                                                            त्रैमासिकी

सुश्री प्रकाशनी                                                विवेकानन्द साहु
वागीश्वरी संस्कृत महाविद्यालय,                         sushrisnspatrika@gmail.com                                        
शालिकोठा, जलेश्वर,बालेश्वर,                           07894 166227,090400 66227
ओडिशा, 756 032

संस्कृत प्रतिभा                                  त्रैमासिक     
साहित्य अकादेमी                                                   सचिव
विक्रय विभाग                                           011-23364207,23364204
स्वाति मंदिर मार्ग                                       secretary@sahitya-akademi.gov.in
नई दिल्ली-01

स्वरमंगला                                              
   त्रैमासिक
राजस्थान संस्कृत अकादमी                                         श्रीकृष्ण शर्मा
जे 15,अकादमी संकुल, झालाना सांस्थानिक क्षेत्र             0141-2709120
जयपुर, राजस्थान

भारतीयविद्या                             (त्रैमासिक शोध पत्रिका )

Bharatiya Vidya Bhavan     Prof. Jayantkrishna H. Dave, Prof. S. A. Upadhyaya
Kulapati Dr. K. M. Munshi Marg,       Phone: 022-23631261 / 23634462  
Chowpatty,Mumbai 400 007.          Fax No: 022-23630058
mail:bhavan@bhavans.info

संविद्                                       (त्रैमासिक शोध पत्रिका )


Bharatiya Vidya Bhavan      Prof. Jayantkrishna H. Dave, Prof. S. A. Upadhyaya             
Kulapati Dr. K. M. Munshi Marg,     Phone: 022-23631261 / 23634462 
 Chowpatty,Mumbai 400 007. 
mail:bhavan@bhavans.info                 Fax No: 022-23630058
        
देवसायुज्यम्                               (त्रैमासिक )
एल-न्यू विक्रम बाग,                                                    प्रफुल्ल पुरोहितः
 लेकचरर्स क्वाटर्स एम0एस0युप्रतापगंजबडोदरा-2          praful4545@yahoo.com                                                 
issn 2321-1342                                                     0937 62174 77

काव्यामृतवर्षिणी                                   षाण्मासिकी 
                                                         डॉ. अरविन्द कुमार तिवारी   
1ए/ 107 आवास विकास                      09411824149,9889193124                      
बड़ौत,बागपत                                      kavyamritvarshini@gmail.com    
                                                      

माध्वी                                               (षाण्मासिकी )
निदेशक,                                                              प्रा00 हरिदास भट्टः
पूर्ण प्रज्ञ संशोधन मंदिरम्                                            ए0वि0 नागसम्पिगे
 पूर्ण प्रज्ञ विद्यापीठम् कत्तरि गुप्प मुख्य मार्गः                  ppsmbi@gmail.com
 बेंगलूरू-28                                                        080-26798679

आरण्यकम्                                 (षाण्मासिकी)
संस्कृत प्रसार परिषद्                                         गोपबन्धु मिश्र
रामेश्वर लीला सदनम्                                 gopabandhuh@gmail.com
महावीर स्थानम्                                              9450 870788       
मौलाबाग, आरा,
बिहार-802301

नन्दनवनकल्पतरूः

 श्री जैन ग्रन्थ प्रकाशन समिति                                              विजय शील चन्द्र सूरिः
 श्री विजय नेमि सरीश्वर जी स्वाध्याय मंदिर                 sheelchandrasuvidavshan@yahoo.com
 12, भगवत बाग, शेठ आणंद जी कल्याण जीनी पेढ़ी समीप
 पालडी, अमदाबाद-380 007


पद्यबन्धा                                (अर्धवार्षिकी)
वीणापाणि संस्कृत समिति                                 धर्मेन्द्र कुमार सिंह देव
एल-145,संत आशाराम नगर,
फेज-3 लहारपुर,भोपाल-462043 मध्यप्रदेश
ई-मेल padyabandha@gmail.com
ISSN 2278-4888


कथासरित्                                  (षाण्मासिकी) 
कथा भारती 57, वसन्त विहार,                                     बनमाली विश्वाल
 झूसी, इलाहाबाद-211019                                         banmali7@gmail.com
                                                                          09450 7817 42

हरिप्रभा

हरियाणा संस्कृत अकादमी                                                  01722570979
कोठी नं0 169, सेक्टर 12, पंचकूला
हरियाणा-134 112
(मासिक)

श्यामला                               (षाण्मासिकी)

हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी                                       0177-2624330
क्लिफ एण्ड एस्टेट,
शिमला-01

दृक्                                                   (षाण्मासिकी)
1/32 एम.आई.जी, आवास विकास कालोनी,                    शिवकुमार मिश्र
योजना-3 झूँसी,इलाहाबाद -211 019                          9450781742    
                                                                   banamali7@gmail.com 

सुसंस्कृतम्

सुरुचि कला समिति                                            sanskrit_griham@yahoo.in    
बी.23/45 घ ए एस, नई बाजार,                             suruchikalas@yahoo.in
खोजबाँ,वाराणसी                                            9451894408,9415619775,9450016201


परिशीलनम्                                      षाण्मासिकी
उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम्                                         0522-2780251
न्यू हैदराबाद,लखनऊ-226007                                  upsamskritsansthanam@yahoo.com

शोध नवनीत
स्तुति प्राच्यविद्या समिति           षाण्मासिकी               प्रमोद कुमार मिश्र
म.सं.51, जबर नगर,पो. परास                                   9450446337
जिला-गोण्डा, उ.प्र.
shodhnavneet@gmail.com


वीथिका                                            (वार्षिकी)
 0 888, से. 1, आशियाना,                                                 मंजुल त्रिवेदी
 लखनऊ                                                                        veethika@gmail.com
                                                                        0945 13460 84, 993 64669 43

संस्कृत वाड्मयी

संस्कृत प्राकृत भाषा विभागः,
लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ-226 007

           
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संस्कृत सर्जना          त्रैमासिक                   http://sanskritsarjana.in/

सम्प्रतिवार्ताः          दैनिक                        http://newssanskrit.blogspot.in/

सुधर्मा                    दैनिक                        http://sudharmasanskritdaily.in/     
      

जाह्नवी                                          http://jahnavisanskritejournal.in/

प्रत्नकीर्ति                                           http://pratnakirti.com/index.html

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