अखिल भारतीय महर्षि व्यास महोत्सव रिपोर्ट 2011

   उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान, लखनऊ द्वारा आयोजित पंच दिवसीय अखिल भारतीय व्यास महोत्सव-2011 का  आयोजन मोक्षदा एकादशी गीता जयन्ती दिनांक 06 दिसम्बर 2011 से दिनांक 10 दिसम्बर 2011 तक वाराणसी में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ तथा अस्सी घाट पर आयोजित किया गया।
 इस आयोजन में विभिन्न शैक्षिक संगोष्ठियों, विद्वद गोष्ठियों, छात्र प्रतियोगिताओं तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पंच दिवसीय अखिल भारतीय व्यास महोत्सव के इस भव्य समारोह में निम्न कार्यक्रम आयोजित किये गये। सम्पूर्ण कार्यक्रम का विवरण आपके समक्ष प्रस्तुत है-

      व्यास पूजन समारोह         

           अखिल भारतीय महर्षि व्यास महोत्सव की पूर्वसंध्या दिनांक 05 दिसम्बर को अपराहण 4.00 बजे से  व्यास मंदिर, चांदी तारा, साहूपुरी, जिला चन्दौली में व्यास पूजन का आयोजन कर समारोह का शुभारभ किया गया, व्यास पूजन समारोह में वाराणसी मण्डलायुक्त, श्री अजय कुमार उपाध्याय, चंदौली के जिलाधिकारी श्री विजय कुमार त्रिपाठी, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के वेद विभागाध्यक्ष प्रो0 युगल किशोर मिश्र, व्यास महोत्सव की नोडल अधिकारी प्रो0 मंजुला चतुर्वेदी, क्षेत्रीय सांस्कृतिक अधिकारी डा0 लवकुश द्विवेदी, 0प्र0 संस्कृत संस्थान के निदेशक श्री सत्येन्द्र सिंह तथा संस्थान कर्मचारियों के साथ अन्य गणमान्य विद्वानों ने उपसिथत होकर व्यास पूजन सम्पन्न किया। साथ ही मंदिर परिसर में आयोजित भजन संध्या में सुश्री मंगला विश्वकर्मा, वाराणसी द्वारा भजन प्रस्तुत किये गये और समस्त जनता में प्रसाद वितरण किया गया।

उदघाटन समारोह 

दिनांक 06 दिसम्बर 2011 को अस्सी घाट पर व्यास महोत्सव के उदघाटन समारोह का शुभारम्भ सायं 5.00 बजे से मुख्य अतिथि श्री सुभाष पाण्डेय, माननीय संस्कृति मंत्री जी उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दीपप्रज्वलित कर किया गया। उदघाटन समारोह में श्री श्री 1008 श्री शीतलानन्द नाथ जी महाराज पीठाधीश्वर श्री ललिताश्रम, कानपुर, मण्डलायुक्त श्री अजय कुमार उपाध्याय, वाराणसी के जिलाधिकारी श्री रविन्द्र एवं उ0प्र0 संस्कृत संस्थान के निदेशक श्री सत्येन्द्र सिंह तथा प्रो0 कमलेश दत्त त्रिपाठी, समन्वयक इनि्दरा गाधी कला केन्द्र, वाराणसी, प्रो0 युगल किशोर मिश्र, वेद विभागाध्यक्ष, सं0 सं0 वि0वि0,वाराणसी उपसिथत थे। संस्थान के निदेशक श्री सत्येन्द्र सिंह द्वारा अतिथियों को पुष्प गुच्छ, अंग वस्त्र तथा स्मृति चिन्ह प्रदान कर स्वागत किया, तथा महोत्सव की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की गयी। संस्थान की अध्यक्ष डा0 रेखा बाजपेर्इ द्वारा स्वागत उदबोधन कर अतिथियों का वाचिक स्वागत किया गया। आयोजन के सम्बन्ध में बीज वक्तव्य प्रो0 कमलेश दत्त त्रिपाठी जी द्वारा किया गया। श्री श्री 108 श्री शीतलानन्द नाथ जी महाराज कान्यकुब्ज पीठाधीश्वर श्री ललिताश्रम, कानपुर द्वारा मंगलाशीष किया गया। मुख्य अतिथि श्री सुभाष पाण्डेय, मा0 संस्कृति मंत्री जी द्वारा भारतीय सांस्कृतिक केन्द्र, मुंगरा बादशाहपुर की ओर से महर्षि वेद व्यास पीठ की स्थापना हेतु रूपये 2.00 लाख का चेक मण्डलयायुक्त, वाराणसी को भेंट दिया गया। उदघाटन समारोह के अन्त में श्री अजय कुमार उपाध्याय, मण्डलायुक्त, वाराणसी मण्डल द्वारा आभार प्रकट किया गया।

                सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारम्भ रात्रि 6.35 बजे हुआ जिसमें शहनार्इ वादन श्री मुमताज हुसैन, वाराणसी, गीत गोविन्दम नृत्य वाटिका श्री आलोक पाण्डेय, वाराणसी, भजन श्री सुशील बावेजा, धनबाद द्वारा प्रस्तुत अस्सी घाट, वाराणसी पर किया गया।

 वेद की समस्त उपलब्ध शाखाओं के मूर्धन्य विद्वानों द्वारा वेद पाठ

द्वितीय दिवस दिनांक 07 दिसम्बर 2011 को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ जिनमें पहले दिन उदघाटन के बाद अस्सी घाट पर वेद की समस्त उपलब्ध शाखाओं के मूर्धन्य विद्वानों द्वारा वेद पाठ (समस्त विकृतियों सहित) जिनमें श्री चिन्तामणि दीक्षित महाड़कर (वाराणसी), श्री मणिकान्त मिश्र (वाराणसी), श्री अनन्तेश्वर मिश्र (वाराणसी), श्री वेद प्रकाश चतुर्वेदी (वाराणसी), श्री रामचन्द्र देव (वाराणसी), श्री निवास लक्ष्मीकान्त पुराणिक (वाराणसी), श्री लक्ष्मीकान्त रामाचार्य पुराणिक (वाराणसी), श्री पाण्डुरंग लक्ष्मीकान्त पुराणिक (वाराणसी), श्री दीपेश कुमार दूबे (वाराणसी), श्री चेतन शर्मा (वाराणसी), श्री अनिरूद्ध पेठकर (वाराणसी), श्री के0वेंकटरमन शर्मा (वाराणसी), श्री महादेव घन पाठी (वाराणसी), श्री गणेश भटट (वाराणसी), श्री रामाघनपाठी (वाराणसी), श्री डि0वि0 राघव घनपाठी (वाराणसी), डा0 राममूर्ति चतुर्वेदी(वाराणसी), पं0 ओम प्रकाश मिश्र (वाराणसी), डा0 नीरज कुमार पाण्डेय (वाराणसी), श्री टेकनारायण उपाध्याय (वाराणसी), श्री प्रवीण कुमार पाण्डेय (वाराणसी), श्री विवके चन्द्र झा (वाराणसी), डा0 नारायण उपाध्याय (वाराणसी), श्री भाखचन्द्र विनायक बादल (वाराणसी), श्री वे0मू0 विनायक मंगलेचरण बादल (वाराणसी), श्री विवके नारायण राव औढेंकर (वाराणसी), श्री पशुपति नाथ मिश्र (वाराणसी), श्री कृष्ण कुमार चौलागार्इ (वाराणसी), श्री दीपक कुमार शर्मा (वाराणसी), श्री मणि कुमार झा (वाराणसी), डा0 शत्रुघन शरण व्यास (वाराणसी), श्री कैलाशचन्द्र दूबे (वाराणसी), श्री उमाशंकर (वाराणसी), श्री अनिल गोपाल घोडे़कर (वाराणसी), डा0 राजेन्द्र पाण्डेय (वाराणसी), श्री चन्द्र किशोर चतुर्वेदी (वाराणसी), डा0 नरंिसंह द्विवेदी (वाराणसी), पं0 काशी नाथ त्रिपाठी (वाराणसी), डा0 रामलला बाजपेर्इ (वाराणसी), श्री लक्ष्मीकान्त बाजपेर्इ (वाराणसी), डा0 गंगाधर मिश्र (वाराणसी), श्री ओम प्रकाश शर्मा (वाराणसी), डा0 चूड़ामणि त्रिवेदी (वाराणसी), श्री शालिग्राम शर्मा (वाराणसी), श्री गगन कुमार चêोपाध्याय (वाराणसी), श्री बालेन्दु नाथ मिश्र (वाराणसी), श्री शिवशंकर शर्मा (वाराणसी), श्री देवदत्त त्रिपाठी (वाराणसी), श्री शरद कुमार नागर (वाराणसी), श्री दिलीप राम नागर (वाराणसी), श्री श्यामसुन्दर तिवारी (वाराणसी), श्री पुण्डलिक कृष्ण भागवत (वाराणसी), श्री श्रवणयों बापट (वाराणसी), पं0 प्रभाकर बापट (वाराणसी), श्री धनंजय (वाराणसी), पं0 श्री विजय कुमार शर्मा (वाराणसी), श्री मनीष कुमार शर्मा (वाराणसी), श्री शम्भु लाल शर्मा (वाराणसी), श्री कृष्ण रामचन्द्र रटाटे (वाराणसी), श्री गोपाल रटाटे (वाराणसी), श्री मिथलेश कुमार पाण्डेय (वाराणसी), श्री ज्योति स्वरूप तिवारी (वाराणसी), श्री जयन्तपति त्रिपाठी (वाराणसी), श्री कृष्ण कुमार शर्मा (वाराणसी), श्री नीरज कुमार शर्मा (वाराणसी), श्री आलोक मिश्र (वाराणसी), श्री सर्वेश रमण तिवारी (वाराणसी) आदि विद्वानों ने भाग लिया। प्रथम सत्र वेद संगोष्ठी-वेदार्थ के सम्प्रेषण में महर्षि व्यास का योगदान पर का आयोजन गांधी अध्ययन पीठ, महात्मा गाधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी में हुआ जिसमें श्री सुकुमार चौधरी, (वाराणसी), प्रो0 ओम प्रकाश पाण्डेय, (लखनऊ), डा0 रेखा शुक्ला, (लखनऊ), डा0 महेन्द्र पाठक (वाराणसी), डा0 शैलेन्द्र नाथ दीक्षित (वाराणसी), डा0 कृष्ण कान्त (वाराणसी), डा0 चन्द्रकान्ता राय (वाराणसी), डा0 विजय कर्ण (लखनऊ), डा0 केशव मिश्र, (वाराणसी), डा0 दीपक (वाराणसी) आदि विद्वानाें ने भाग लिया। पूर्वाहन 1.00 बजे ललित कला विभाग, महात्मा गाधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी में चित्रकला प्रदर्शनी का उदघाटन उ0प्र0 संस्कृत संस्थान की अध्यक्ष डा0 रेखा बाजपेर्इ जी द्वारा किया गया। इस अवसर मा0गा0का0विद्यापीठ के कुलपति प्रो0 पृथ्वीश नाग उपसिथत थे। द्वितीय सत्र में समिति कक्ष, महात्मा गाधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी में वेदान्त संगोष्ठी-वादरायण व्यास एवं वेदान्त प्रस्थान-व्याख्या वैविध्य पर डा0 हरि राम मिश्र (दिल्ली), डा0 धनन्जय पाण्डेय (वाराणसी), डा0 शीतला प्रसाद पाण्डेय (वाराणसी), डा0 भकित पुत्र रोहतम (वाराणसी), प्रो0 गयाराम पाण्डेय (वाराणसी), डा0 रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी (गोरखपुर), प्रो0 उमारानी त्रिपाठी (वाराणसी), प्रो0 राजाराम शुक्ल (वाराणसी), प्रो0 कमलेश झा (वाराणसी) आदि विद्वानों ने भाग लिया। प्रतिदिन अपराहन 5.00 बजे से 6.00 बजे तक व्यास कथा का वाचन प्रो0 इच्छाराम द्विवेदी, अध्यक्ष पुराणेतिहास विभाग, श्री लाल बहादुर शास्त्री संस्कृत विद्यापीठ नर्इ दिल्ली द्वारा अस्सी घाट पर किया गया।
                सायं सांस्कृतिक कार्यक्रम में राष्ट्रीय कथक संस्थान, लखनऊ द्वारा वसुन्धरा नृत्य नाटिका, श्री मेवा सपेरा, जयपुर द्वारा लंगा गायन, कालबेलिया, घूमर चरी एवं भवर्इ लोक नृत्य तथा उपशास्त्रीय गायन श्रीमती ममता शर्मा, वाराणसी द्वारा किया गया।

विद्वदगोष्ठी (पुराणधर्मशास्त्र)

तृतीय दिवस दिनांक 08 दिसम्बर 2011 को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ जिनमें विद्वदगोष्ठी (पुराण, धर्मशास्त्र) का आयोजन समिति कक्ष, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी में हुआ। जिसमेें भारतीय शास्त्र परम्परा के सातत्य संरक्षण में अगि्नपुराण की भूमिका  विषय पर प्रो0 दीपित त्रिपाठी (दिल्ली), प्रो0 सत्यप्रकाश सिंह (दिल्ली), प्रो0 मुरलीमनोहर पाठक (गोरखपुर), प्रो0 रमेश चन्द्र पण्डा (वाराणसी), डा0 सरोज कुमार पाढी (वाराणसी), डा0 श्रीकृष्ण त्रिपाठी (वाराणसी), प्रो0 गयाराम पाण्डेय (वाराणसी), प्रो0 उमारानी त्रिपाठी (वाराणसी), डा0 राममूर्ति चतुर्वेदी (वाराणसी), डा0 कृष्णदत्त मिश्र (वाराणसी), श्रीनिवास (वाराणसी), श्री श्यामानन्द मिश्र (वाराणसी), डा0 रामतीर्थ मिश्र (वाराणसी), प्रो0 रमानाथ शर्मा (वाराणसी) ने व्याखान दिया।

 चित्रकला प्रतियोगिता

 शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिनमें बाल एवं युवा वर्ग की चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन ललित कला विभाग, महात्मा गाधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी में किया गया। जिनमें विभिन्न विधालयों के लगभग तीन सौं छात्रों ने भाग लिया। जिसमें कनिष्ठ वर्ग- चित्रकला प्रतियोगिता में पारस कुमार (सेन्ट्रल हिन्दू ब्वायज स्कूल, वाराणसी) ने प्रथम तथा पृथ्वी मिश्रा (डब्लू0एच0सिमथ मैमोरियल स्कूल ,वाराणसी) ने द्वितीय व अभिषेक वसाक(सनबीम एकेडेमी ब्वायज स्कूल वाराणसी) ने तृतीय और आशीष आनन्द (सेन्ट्रल हिन्दू ब्वायज स्कूल वाराणसी), अविनाश कुमार उपाध्याय(डी0पी0एस0,बी0एच0यू0), प्रोनिता पाल (डी0पी0एस0 वाराणसी), सुषिमता (सनबीम एकडेमी, सरायनन्दन वाराणसी), अजय कुमार गौंड (सेंट्रल हिन्दू ब्वायज स्कूल वाराणसी) ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। वरिष्ठ वर्ग-चित्रकला प्रतियोगिता में दीपाली देवी (खैरागढ़ विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़) ने प्रथम व अविनेश कुमार मिश्र (म0गां0काशी विद्यापीठ, वाराणसी) ने द्वितीय तथा सुश्री पारूल गोलछा (हमीदिया कालेज भोपाल) ने तृतीय और आशीष रावत (ललित कला विभाग दीनदयाल उपाध्याय कालेज, गोरखपुर विश्वविधालय) , शाहिद कौसर अन्सारी (सन्त लाल इनिसटीटयूट आफ मैनेजमेंट), धीरज यादव (दृश्य कला विभाग, इलाहाबाद विश्वविधलाय), रमेश चन्द्र (आर्इ0एफ00वाराणसी), सदानन्द (वाराणसी काशी विद्यापीठ), ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया।
                अपराहन में छन्दोगान प्रतियोगिता का आयोजन प्रेक्षागृह, महात्मा गाधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी में किया गया। जिसमें विभिन्न महाविधालयों के छात्रों ने भाग लिया और मत्स्य पुराण पर आधारित छन्दोगान  का गायन किया। जिसमें वरिष्ठ वर्ग में प्रियंका पाठक-प्रथम, वेद प्रकाश-द्वितीय तथा श्रीयंका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। तथा कनिष्ठ वर्ग में अर्पिता मिश्रा-प्रथम, भरत हर्डीकर,(राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान)-प्रथम, नूपूर दास-द्वितीय, शिवानी शुक्ला(भगवान दीन आर्य कन्या स्नातकोत्तर महाविधालय)-तृतीय तथा अर्चना व सुरूचि मिश्रा ने सान्त्वना पुरस्कार प्राप्त किया।
                सायं सांस्कृतिक कार्यक्रम में श्रीमती बीना सिंह, इलाहाबाद द्वारा अवधी लोक नृत्य, श्री विशाल कृष्णा एवं साथी, वाराणसी द्वारा रास रंग, श्री गणेश मिश्र, वाराणसी द्वारा उपशास्त्रीय गायन तथा ब्रज लोक संस्कृति एवं सेवा संस्थान, मथुरा द्वारा महारास किया गया।

 महाभारत गोष्ठी

                चतुर्थ दिवस दिनांक 09 दिसम्बर 2011 को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ जिनमें विद्वदगोष्ठी का आयोजन समिति कक्ष, महात्मा गाधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी में किया गया। जिसमें महाभारत- भारतीय आख्यान परम्परा में महाभारत की व्यापित विषय पर प्रो0 कमलेश दत्त त्रिपाठी(वाराणसी), प्रो0 हरेराम त्रिपाठी (वाराणसी), प्रो0 कृष्ण मोहन पाण्डेय(वाराणसी), प्रो0श्रीनिवास ओझा (वाराणसी), प्रो0 कृष्ण मोहन पाण्डेय (वाराणसी), डा0 पवन कुमार शास्त्री (वाराणसी), प्रो0 गंगाधर पण्डा (वाराणसी), डा0 रमाकान्त पाण्डेय (वाराणसी), डा0 ब्रजबिहारी त्रिपाठी (वाराणसी), प्रो0 जयशंकर लाल त्रिपाठी (वाराणसी), डा0 राजकुमारी त्रिखा (दिल्ली), डा0 राममूर्ति चतुर्वेदी (वाराणसी), सीमा यादव (वाराणसी) ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये।

शोध छात्र संगोष्ठी

 इसके साथ ही शोध छात्र संगोष्ठी का आयोजन प्रेक्षागृह, महात्मा गाधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी में किया गया। जिसमें व्यास वाडमय के अनुशीलन की दिशायें-अतीत एवं वर्तमान विषय पर विभिन्न विधालयों के छात्रों शोध पत्र पढ़े। जिसमें श्री मधुसूदन मिश्र-प्रथम, सुश्री दीपिका राय-द्वितीय, श्री प्रमोद भटट-तृतीय तथा श्री नवनीत भटट व श्री वृहस्पति भटटाचार्य को सान्त्वनां पुरस्कार प्राप्त किया। पूर्वाहन में सम्पूर्ण गीता कण्ठस्थ्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन प्रेक्षागृह, महात्मा गाधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी मंें किया गया। जिसमें विभिन्न विधालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। जिसमें धीरू कुमार चौब, राहुल पाण्डेय, अक्षय आदित्य, प्राज्जल मिश्र, सरयू, सुरेश शर्मा, संजय कुमार शर्मा, पंकज शर्मा, शेबर मिश्र, दीपक मिश्र ने सम्पूर्ण गीता कठस्थ प्रतियोगिता में प्रथम दस स्थान पाकर प्रति 5000.00 रूपये का पुरस्कार प्राप्त किया। अन्य प्रतिभागियों में अरविन्द कुमार तिवारी, पुरातन शर्मा, मनीष शर्मा, शिवचरित द्विवेदी, विवके चन्द्र झा, वद्री नारायण गौतम, आदेश मिश्र, मनीष शर्मा, दुर्गादत्त मिश्र, रजीत दूबे, वेदव्रत शर्मा, शुभम पाण्डेय, संस्कृति चतुर्वेदी, वेद प्रकाश, अर्चा मिश्र ने रूपये एक-एक हजार का पुरस्कार प्राप्त किया। आदि छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
                सायं सांस्कृतिक कार्यक्रम में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के सौजन्य से श्री शीशपाल चौहान, रोहतक द्वारा हरियाणवी लोकनृत्य, श्री सुधीर तिवारी, सागर द्वारा बधार्इ-नौरता गायन, श्री मदन लाल शर्मा, मथुरा द्वारा बज्र के लोक नृत्य तथा श्री विमल शाहाबादी, आरा द्वारा बिहार के लोक गीतो को प्रस्तुत किया गया।

संस्कृत संगोष्ठी

                अन्तिम समापन दिवस दिनांक 10 दिसम्बर 2011 को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ जिनमें संस्कृत संगोष्ठी का आयोजन समिति कक्ष, महात्मा गाधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी में किया गया। जिसमें संस्कृत वाडमय के अनुशीलन सम्वर्धन एवं लोकप्रचार का दिशायें  विषय पर प्रो0 रमानाथ शर्मा आचार्य हवार्इ विश्वविधालय (हवार्इ), प्रो0 श्री किशोर मिश्र (वाराणसी), प्रो0 कौशलेन्द्र पाण्डेय (वाराणसी), प्रो0 यदुनाथ प्रसाद दूबे (वाराणसी), डा0 रजनीश कुमार शुक्ल (वाराणसी), प्रो0 हरिशंकर पाण्डेय (वाराणसी), प्रो0 हरिप्रसाद अधिकारी (वाराणसी), डा0 दिनेश कुमार गर्ग (वाराणसी), प्रो0 श्रीनिवास ओझा (वाराणसी), डा0 सुरेश चन्द्र चौबे (वाराणसी), डा0 अविमुक्त नाथ पाण्डेय (वाराणसी), डा0 शैलेश कुमार मिश्र (वाराणसी), डा0 रमेश चन्द्र पाण्डेय (वाराणसी), डा0 उपेन्द्र देव पाण्डेय (वाराणसी), प्रो0 गया राम पाण्डेय (वाराणसी)  आदि विद्वानों ने व्याख्यान दिया।

संस्कृत वाद स्पर्धा

 साथ ही संस्कृत वाद स्पर्धा का आयोजन प्रेक्षागृह, महात्मा गाधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी में किया गया, जिसमें -
                                श्रेयोमार्गोपदेष्टा तु लोककल्याणहेतवे।
                                व्यासं विहाय क: शक्त: दृश्यते जगतीतले।।

                विषय पर विभिन्न विश्वविधालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। जिसमें कु0 प्रतिभा शास्त्री-प्रथम, र्इश्वर मूर्ति-द्वितीय, गणेश हेगडें-तृतीय तथा कु0 मुदिता-सान्त्वना पुरस्कार प्राप्त किया। सायं सांस्कृतिक कार्यक्रम में श्रीराम भारतीय कला केन्द्र, दिल्ली , अयोध्या शोध संस्थान द्वारा नाटक कर्ण तथा कज्जलिका गीत तथा प्रति दिन व्यास कथा के साथ-साथ पुस्तक मेला का आयोजन किया गया है। साथ ही संस्कृत-हिन्दी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न भागों से आये निम्न कवियों ने भाग लिया। प्रो0 रमाकान्त शुक्ल,(दिल्ली), प्रो0 हरिराम आचार्य,(जयपुर), डा0 राम सुमेर यादव,(लखनऊ), डा0 कमला पाण्डेय, (वाराणसी), प्रो0 उमारानी त्रिपाठी(वाराणसी), डा0 सदाशिव कुमार द्विवेदी,(वाराणसी), प्रो0 रेवा प्रसाद द्विवेदी(वाराणसी), डा0 ब्रजेश कुमार शुक्ल(लखनऊ), डा0 कौशलेन्द्र पाण्डेय (वाराणसी),डा0 सदाशिव कुमार द्विवेदी(वाराणसी)आचार्य मनुदेव भटटाचार्य(वाराणसी), प्रो0 उपेन्द्र पाण्डेय (वाराणसी), डा0 शिवराम शर्मा, डा0 भगवत शरण, डा0 धर्मदत्त चतुर्वेदी, डा0 मनुलता शर्मा, प्रो0 इच्छाराम द्विवेदी, डा0 श्रीकृष्ण तिवारी, डा0 अशोक राय अज्ञान, डा0 रंजना राय, डा0 रविकान्त, डा0 मनमोहन मिश्र आदि कवियों ने भाग लिया।

                समापन समारोह का शुभारम्भ मुख्यातिथि श्री सुखदेव राजभर मा0अध्यक्ष विधान सभा द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया। मण्डलायुक्त महोदय द्वारा मा0 विधानसभा अध्यक्ष का स्वागत पुष्प गुच्छ, अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह द्वारा किया गया। स्वागत उदबोधन श्री सत्येन्द्र सिंह निदेशक द्वारा किया गया तथा व्यास महोत्सव पर सम्पूर्ण रिर्पोट प्रतुस्त की गयी। मुख्यातिथि श्री सुखदेव राजभर मा0अध्यक्ष विधान सभा द्वारा समस्त विजेता प्रतिभागी छात्रों को पुरस्कार वितरण किया गया। अध्यक्षीय सम्बोधन डा0 रेखा बाजपेर्इ अध्यक्ष उ0प्र0 संस्कृत संस्थान द्वारा किया गया। आभार तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो0 कमलेश दत्त त्रिपाठी द्वारा किया गया। समारोह के अन्त में श्रीराम भारतीय कला केन्द्र, दिल्ली तथा अयोध्या शोध संस्थान के सौजन्य से नाटक कर्ण की प्रस्तुति दी गयी। 
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संस्कृत के प्रचार-विकास में आम जन की भागीदारी क्यों और कैसे

          संस्कृत भाषा के प्रचार के लिए हमें एक सुनिश्चित अवधि के लिए एक निश्चित लक्ष्य का निर्धारण करना होगा। हम जो भी योजना बनाये उसके केन्द्र में संस्कृत भाषा के लाभार्थियों की संख्या तथा उसमें उत्तरोत्तर वृद्धि को ध्यान में रखना होगा। दूसरे शब्दों में संस्कृत भाषा के प्रचार हेतु निर्मित योजना में संस्कृत भाषा का प्रचार होते दिखना चाहिए। प्रायशः भाषा का प्रचार उन क्षेत्रों तक सीमित रहता है जहाँ के लोग स्वतः इस भाषा से जुडे है। उनमें प्रचार न होकर गुणवत्ता का क्रमिक विकास दिखे ऐसा यत्न करना होगा। यथा वे बोलना नहीं चाहते तो बोलने के लिए सीखाना। प्रचार की दिशाएँ ज्ञात न हो तो प्रशिक्षण देकर सच्चा प्रचारक बनाना आदि।
 उनमें शास्त्र शिक्षण करना अनुपयोगी है।

            हमने अभी तक कोई ठीक-ठीक योजना का निर्माण ही नहीं किया। यदि ठीक-ठीक योजना निर्मित की गयी होती तो 65 वर्षो में उसके परिणाम सम्मुख होते। हम संस्कृत भाषियों संस्कृत प्रेमियों की संख्या में उत्तरोत्तर वृद्धि होते हुए देखते।

              संस्कृत क्षेत्र को तीन भागो में विभक्त किया जा सकता हैं।

1- संस्कृत विषय को लेकर अध्ययन कर रहे या कर चुके व्यक्ति।
2- संस्कृत विषय लेकर जिन्होने अध्ययन नहीं किया है परन्तु संस्कृत के प्रति रूचि रखते है।
3-संस्कृत के  प्रति उदासीन या अनभिज्ञ व्यक्ति।

 तीनों प्रकार के व्यक्तियों में अलग-अलग ढंग से  संस्कृत का प्रचार -प्रसार करना चाहिए। सर्वप्रथमएक क्षेत्र का चयन कर उसमें विभाजन पुनः प्रसार किया जाना चहिए।                                                                  प्रायशः यह देखने में आता है कि योजना बनीलागू की गई परन्तु परिणाम की समीक्षा नहीं की जाती। जब तक परिणाम की समीक्षा नहीं की जायेगी योजना के प्रभाव का आकलन नहीं किया जा सकता।   योजना निर्माण में लक्ष्य संस्कृत भाषा का प्रचार मात्र होना चाहिए। प्रायशः भाषा प्रचार के स्थान साहित्यज्योतिषकर्मकाण्डवेद आदि विषय का प्रचार स्थान लेने लगता है। इसके प्रचार का माध्यम हिन्दी या तत्स्थानीय भाषाएँ होती है। प्रायः भ्रमवश आमजन कर्मकाण्डज्योतिषमंत्रतंत्र को ही संस्कृत समझते है।वस्तुतः ये ज्ञान और व्यवहार के विषय हैं, न कि भाषा के। ज्ञान के विषय को किसी भी भाषा में लिखा पढा जा सकता है, क्योंकि भाषा का कार्य भाव का सम्प्रेषण है। हाँ उपर्युक्त विषयों का उद्भव एवं पल्लवन संस्कृत भाषा के माध्यम से हुआ अतः संस्कृत भाषा का ज्ञान उपर्युक्त विषय के लिए आवश्यक है। 
             व्यास महोत्सव की प्रतिस्थापना- विविध स्थलों पर छोटे-छोटे कार्यक्रमों द्वारा प्रचार-प्रसार करना चाहिए परन्तु वर्ष दो वर्ष में एक वृहद् कार्यक्रम होना चाहिएअनुगूंज दूर तक तथा देर तक रहे। हजारों लीटर पानी नल द्वारा प्रवाहित किया जाय तो पानी में मात्रा एवं बेग की कमी के कारण लघुतम क्षेत्र को सिंचित का सकेगा। वहीं यदि हजारों लीटर पानी एक साथ एक बार में प्रवाहित कर दिया जाय मात्रा एवं बेग के अधिकता के कारण अधिकतम क्षेत्रफल सिंचित करेगी।                                                                                                   
इस देश के प्रत्येक गाॅव में दो चार संस्कृतज्ञ है। इस प्रकार संस्कृतज्ञों की संख्या लाखों नहीं करोडों में है। असंगठित संस्कृतज्ञ अपना प्राप्तव्य सरकार से प्राप्त नहीं कर पाता। इस क्षेत्र में तमाम सामाजिक संगठनों की आवश्यकता है,जो संस्कृत का अलख जगा सके।   
संस्कृत भाषा के प्रचार के लिए द्विमुखी प्रचार पद्धति अपनाना चाहिए
 1- शिक्षा द्वारा 2 जनजागरण द्वारा
संस्कृत भाषा के प्रचार के दो उद्देश्य होने चाहिए।
 1- भाषा सीखना 
 2- प्रशंसक बनना
संस्कृत भाषा के विकास हेतु योजना-
 1-संस्कृत भाषा में पत्रिका का प्रकाशन
यह मासिक पत्रिका कक्षा 6 से एम.ए तक के लिए उपयोगी हो।
इसमें समसामयिक घटना क्रमसंस्कृत जगत से परिचय व्याकरणसामान्य  ज्ञानकहानियाँजीवनी आदि विषय हों।
वार्षिक मुल्य रु0 100-00 मात्र रखा जाय।
प्रत्येक संस्कृत विद्यालयमहाविविश्वविद्यालय के संस्कृत छात्र में ग्राहकता  बढाना ।
प्रचार के विविध तरीके को अपनाना।
 यथा-
छात्र प्रतियोगिता में विजयी को एक वर्ष के लिए निःशुल्क पत्रिका।
सर्वाधिक अंक पाने वाले को छूट ।
सर्वोत्तम विद्यालय का चयन कर पुस्तकालय हेतु निःशुल्क ।
अच्छे लेख प्रेषित करने वाले छात्रों के लिए आदि।
जागरूकता हेतु प्रचार साहित्य मुद्रित कराना।
संस्कृत क्यों पढें? इस विषय पर लेख का प्रकाशन। 
बच्चों के लिए संस्कृत में रोजगार आदि।
संस्कृत के प्रचार-विकास में आम जन की भागीदारी क्यों और कैसे ।
संस्कृत विद्यालयों की प्रति जनाकर्षण हेतु योजना-
 एक वर्ष एक जनपदों के संस्कृत विद्यालयों का चुनाव कर उस क्षेत्र में  संस्कृत शिक्षा को बढावा देने हेतु विविध आयोजन।
1- संस्कृत विद्यालय में संस्कृत भाषा में सांस्कृतिक कार्यक्रम ।
2- सांस्कृतिक कार्यक्रमोंगीतों हेतु स्थानीय बच्चों का चयन ।
3-स्थानीय बच्चों में संस्कृत ज्ञान परीक्षा ।
स्थानीय बच्चों के बीच सामुदायिक केन्द्रों में पंचायत, तहसील स्तर पर  संस्कृत के बारे जन सम्वाद ।
5-जनता की शंका का समाधान ।
6-आदर्श संस्कृत के स्वरूप का प्रदर्शन ।
7-  गीत, चित्र, छोटे बच्चों के बीच संस्कृत में संवाद ।
8-भाषा पठन, लेखन क्षमता का प्रदर्शन ।
 9-सर्वप्रथम प्रचारक संस्थानों को निर्मित किया जाये।
10 -छात्रों के शिक्षण हेतु प्रचार सामग्री ।
11. लघुकथा पुस्तक- डिजिटल माध्यम द्वारा ।
12.  संस्कृत गीत - डिजिटल माध्यम द्वारा ।
 संस्कृत भाषा शिक्षण हेतु बालकोपयोगी दृश्य श्रव्यसाधन
1.यात्रा वर्णन ।
उत्सवों का सचित्र वर्णन ।
 विद्वानों से पत्राचार के समय संस्कृत भाषा का ही उपयोग किया जाय।
   जनजागरण हेतु प्रचार सामग्री
1.संस्कृत की सूक्तियों का प्रर्दशन ।
2.जीवनोपयोगी सूक्तियों का स्टीकर द्वारा प्रर्दशन वितरण ।
3.संस्कृत के महत्व एवं उपयोगिता को प्रदर्शित करने हेतु ध्वनिमुद्रिका का निर्माण ।
4. पत्रिका में निबन्ध गीत श्लोक लघु कथा लेखन हेतु छात्रो को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें पुरस्कृत करना।
5. वृत्त चित्र निर्माण, जिसमें संस्कृत की गतिविधियों को दिखाया जाय। संस्कृत सीखने वाले व्यक्तियों के सफलता को दिखाया जाय।
खेतिहर मजदूरों, रिक्शा चालकोंसपेरोंआँटो, रिक्शाबस आदि के ड्राइवरफेरी वालोंनिर्माण क्षेत्र में कार्य करने वाले मजदूरोंकिसानों आदि में इस भाषा की उपस्थिति बहुत दूर है। इनमें संस्कृत सीखने की जागृति आयी तो अपने सन्तति को संस्कृत अवश्य पढाँएगें।
       आवश्यकता है ऐसे सामाजिक कार्यकर्ता की, जो उन तक सन्देश लेकर जाए। संस्कृत शिक्षण केन्द्र के आस-पास के लोग भी यह नहीं जानते कि यहाँ संस्कृत शिक्षा दी जाती है। यद्यपि वकीलडाँ0पुलिस अधिकारी इनके बारे में आस-पास के लोगो को जानकारी होती है, परन्तु संस्कृतज्ञ को उनके पडोसी नहीं जानते।
प्रत्येक संस्कृत विद्यालय तथा संस्कृतज्ञ के घर के बाहर संस्कृत शब्द तो जरूर ही लिखा होना चाहिए।  
                                                                            
                                                                                              जगदानन्द झा 

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संस्कृत पुस्तकालय हेतु संशोधित वर्गीकरण पद्धति

 संस्कृत पुस्तकालय हेतु मेरे द्वारा संशोधित, विकसित वर्गीकरण पद्धति

010
वाड्मय सूची
016
विषय वाड्‌मय सूचियॉ और ग्रन्थ सूचियॉं
018
लेखकों की सूचियॉ तथा पाण्डुलिपियॉ
020
पुस्तकालय विज्ञान और सूचना विज्ञान
025.3
सूचीकरण
025.4
वर्गीकरण
030
सामान्य विश्वकोशात्मक कृतियॉं
035
हिन्दी विश्वकोश
070
पत्रकारिता, प्रकाशन, समाचार पत्र
090
हस्तलिखित ग्रन्थ और दुर्लभ ग्रन्थ
091
हस्तलिखित ग्रन्थ
092
ब्लाक पुस्तकें (लीथों)
096
उत्कृष्ट चित्रित और सामग्री युक्त ग्रन्थ
099
आकार विशिष्ट ग्रन्थ
100
दर्शन और सम्बन्धित ज्ञान, क्षेत्र
101
दर्शन का सिद्धान्त
103
दर्शन कोश, विश्वकोश, शब्दानुक्रमणिका
109
विश्व दर्शन का इतिहास (प्राच्य तथा पाश्चात्य दर्शन एक में हो तो यहॉ रखें)
110
भारतीय दर्शन
111
भारतीय दार्शनिक विचारणीय विषय(सामान्य)
112
ईश्वर, चेतनतत्व
113
जीव का स्वरूप
114
सृष्ट क्रम
115
मनस्तत्व
116
मुक्तिवाद
117
काल
118
भारतीय सौन्दर्यशास्त्र, कला शास्त्र
119

120
वैदिक (श्रौत) दर्शन
121
संहितागत दर्शन
122
उपनिषद्‌ (मूल) तथा भाष्य
122.1
उपनिषद्‌ का केवल अनुवाद
122.2
संस्कृत व्याख्या
122.3
संस्कृत हिन्दी के साथ
123
सूत्रगत दर्शन
124
वेदांगगत दर्शन
125
रामायण दर्शन

126
महाभारतगत दर्शन (गीता को छोड़कर)
127
पुराणगत दर्शन (भागवत को छोड़कर)
128
स्मृतिगत दर्शन
129
श्रीमद्‌भगवद्‌गीता (मूल और अनुवाद)
129.1
अद्वैत व्याख्या
129.2
विशिष्टाद्वैतपरक व्याख्या
129.3
श्रीमद्‌भगवद्‌गीता
129.4
द्वैताद्वैत (निम्बार्क)
129.5
रामानन्दी (श्री)
129.6
वल्लभाचार्य
129.7

129.8

129.9
अन्य आधुनिक व्याख्याकार
130
हिन्दू षड्‌दर्शन
131
सांख्य दर्शन
132
योग दर्शन
132.9
अन्य योग, उश योग विद्या
133
न्याय दर्शन
134
वैशेषिक दर्शन
134.5
गणितीय दृष्टि से अध्ययन
135
पूर्व मीमांसा (मीमांसा)
136
उत्तर मीमांसा (वेदान्त दर्शन) ब्रहासूत्र
136.092
शंकराचार्य
137
ब्रहासूत्र पर शांकर भाष्य तथा टीकायें
138
शंकराचार्य के अन्य ग्रन्थ
139
शंकराचार्य के आलोचनात्मक ग्रन्थ (शांकर वेदान्त में तत्व मीमांसा)
140
वैष्णव दर्शन
141
ब्रहमसूत्र पर श्रीभाष्य तथा अन्य टीकाऍं
142
ब्रहमसूत्र पर पूगीप्रज्ञ तथा द्वैत टीकाऍं
143
ब्रहमसूत्र पर वेदान्तपारिजात भाष्य तथा द्वैताद्वैत टीकाऍं
144
ब्रहमसूत्र पर आनन्द भाष्य तथा द्वैताद्वैत टीकाऍं
145
ब्रहमसूत्र पर अणुभाष्य भाष्य तथा द्वैताद्वैत टीकाऍं
146
बलदेव का गोविन्द भाष्य अचिन्त्यभेदाभेद चैतन्य मत
147

148
शक्ति भाष्य
149
वैष्णव दर्शन की आलोचना
150
बौद्ध, जैन दर्शन
151
बौद्ध दर्शन सामान्य
152
वैभाषिक
153
सौत्रान्तिक


154
योगाचार
155
माध्यमिक
156
शून्यवाद का साहित्य
157

158
जैन दर्शन
159

160
शैव शाक्त दर्शन
161
शाक्त(क्रम) दर्शन (तत्व)
162
कौल (दर्शन) तन्त्र
163

164
समय (दर्शन) तन्त्र
165
शैव (दर्शन) तन्त्र
165.1
आगम(10)
165.2
स्पंद
165.3
प्रत्यभिज्ञा
165.4
श्रीकण्ठ का शैव भाष्य, शैव विशिष्टाद्वैत
166
पाशुपत दर्शन
167
वीरशैव लिंगायत श्रीयति का भाष्य
168
कालमुख, कापालिक
169
अन्यान्य तन्त्रगत दर्शन
170
अन्य (दर्शन भिन्न) भारतीय दर्शन
171
चार्वाक, लोकायत दर्शन
172

173

174

175

176

177

178

179
आधुनिक भारतीय दर्शन (20वी0 शता0)
180
पाश्चात्य दर्शन
181
तत्व विद्या आध्यात्य शास्त्र
.85
पाश्चात्य सौन्दर्य दर्शन
182
तत्वदर्शन के सिद्धान्त
183
परामनोविज्ञान और गुहाविद्या
.1
भूतप्रेत
.3
शकुन विचार भविष्यवाणी, देवज्ञता
.4
जादू टोना पैशाचिकी
.5
फलित ज्योतिष (संहिता)
.51
प्रश्न

.52
मुहूर्त
.53
ताजिक
.54
जन्मकुण्डली (जातक) होरा
.6
सामुद्रिक शास्त्र
.7
गुहाविद्या सम्बन्धी प्रवंचना (ज्यो0 तंत्र)
.8
पारेन्द्रिय सम्वेदन और मनोगतिच्चीलता
82
विचार संक्रमण
84
परोक्ष दर्शन
88
मनोगतिशीलता
9
प्रेतविद्या
91
स्वप्न और रहस्य
92
शकुन दर्शन
93
आकृति विज्ञान
94
कपाल विद्या (शिर में लिखे)
95
स्वर
184
विशिष्ट दार्शनिक विचारधाराऍ (पाश्चात्य)
93
रहस्यवाद
185
मनोविज्ञान
.4
मनोविज्ञान और भाषा
186
तर्कशास्त्र
187
नीतिशास्त्र (नैतिक आचार) दर्शने
188
पाश्चात्य कला शास्त्र
189
आधुनिक पाश्चात्य दर्शन



200
धर्म (सामान्य)
201
धर्म का दार्शनिक और सैद्धान्तिक पक्ष
202
प्रकीर्णक
203
कोश, विश्वकोश
204
निबंध, भाषण
205
क्रमिक प्रकाशन
206
धार्मिक संगठन, संस्थाऍ
207
अध्ययन, अध्यापन
208
सार संकलन
209
धार्मिक विचार धाराओं तथा परिस्थितियों का ऐतिहासिक तथा भौगोलिक निरूपण
210
प्राकृतिक धम (मानव धर्म आदि)
211
ईश्वर, ईश्वरवाद तर्कनावाद (ईश्वर सम्बन्धी) आस्तिकवाद, मानवतावाद, निरीश्वरवाद
212
ईश्वरतत्व
.8
अवतारवाद, सगुणवाद, द्वैतवाद, एकेश्वरवाद
213
विच्च्वोत्पति (सृष्ट)
214
धार्मिक साम्यानुमान
215
विज्ञान और धर्म
216
सत्‌ असत्‌ (पुष्य पाप)
217
पूजा, अर्चना, प्रार्थना, उपासना
218
मानव (मानव और सृष्ट में उसका स्थान)
219
भारतीय धर्म और (वैदिक) सम्प्रदाय (सामान्य)
220
हिन्दु धर्म (प्राचीन)
221
वैदिक धर्म
.01
सिद्धान्त, मीमांसा
02
प्रकीर्ण, रूपरेखा
03
कोश , अनुक्रमणी, पदानुक्रमणी
04
निबन्ध, भाषण
05
देवता ऋषि आदि प्रतीक विचार
06
आखयायिका, शिक्षाप्रद उपाखयान
07
माइथोलाजी
08
प्रार्थना, सारसंकलन, पाठ्‌यपुस्तक (संकलन)
09
कालनिर्णय, इतिहास, आर्यों का देश और काल
091
वैदिक साहित्य और संस्कृति
092
वेदज्ञ विद्वानों की जीवनी
221.1
ऋग्वेद मूल अनुवाद
.2
यजुर्वेद
.21
कृष्ण यजुर्वेद
.211
मानव ,कपिष्ढल , 6 अष्टक, 48 अध्याय
.212
तैतरिय
.213
मैत्रायणी (गद्यपाद्यात्मक 4 काण्ड)
.214
काढक (कढ) (5 खण्ड 40 स्थानक)
.22
शुक्ल यजुर्वेद
.23
माध्यन्दिन (वाजसनेथी) 40 अध्याय
.24
काण्व
.3
सामवेद

कौथुमीय

राणायनीय

जैमिनीय (तवलकार)
.4
अथर्ववेद
.5
ब्राहाण
.6
आरण्यक
.7
सूत्र (कल्प)
.71
श्रौतसूत्र
.72
ग्रहासूत्र
.73
धर्मसूत्र
.74
शुक्वसूत्र
.8
वेदांग
.81
प्रातिशाखय

.82
शिक्षा, स्वरांकनु
.83
निरूत्त
.84
छन्द
.85
वैदिक व्याकरण
.86
वैदिक ज्योतिष
.87

.9
वेदों का आलोचनात्मक अध्ययन खिल सूक्त, वेदपाठ प्रणाली (जटापाद धनपाठ आदि)
222
रामायण (संस्कृत, वाल्मीकि कृत तथा अन्यत, सम्बन्धी साहित्य)
223
महाभारत (व्यास कृत संस्कृत तथा तत्साहित्य)
224
भागवत और वैष्णव शास्त्र
.1
श्रीमद्‌भागवत, भागवत साहित्य
.11
रासलीला का विवेचन
.12
राधा का विवेचन, भक्ति का विवेचन
.2
श्री सम्प्रदाय का मतवाद (रामानुज)
.3
माध्वसम्प्रदाय (ब्रहा)
.4
निम्बार्क (चतुःसन)
.5
बल्लभ (रूद्र)
.6
भक्ति शास्त्र

(नारद, शांडिल्य, वैरवानस, पांचरात्र आदि)
.7
चैतन्य सम्प्रदाय (गौड़ी)

(सम्प्रदायों के मूल साहित्य, दर्शन)
.8
दक्षिण भारत आलवार संतो के तमिल मूल तथा अनुदित ग्रन्थ
.9
अन्यान्य स्थानों के वैष्णव सम्प्रदायी ग्रन्थों के मूल तथा अनुवाद
225
पुराण
.1
पुराणों के दर्शनिक तत्व
.2
पुराणों के गल्प उपाखयान
.3
पुराण संस्कृति एवं संस्थाएं
.4

.5
उपपुराण, औपोपपुराण
.6
जैन पुराण
.7
तीर्थ माहात्म्य
.8
व्रत त्यौहार आदि
.9

226
तन्त्र और तान्त्रिक धर्म
.1
द्रौव तंत्र, पाच्चुपत, सिद्धान्ती, प्रत्यभिज्ञा, वीर (योनि)
.2
(श्रीविद्या, सुन्दरी आदि) शक्ति तंत्र
.3
सौर, श्राणपत्य
.4
वैष्णव तंत्र (वैखानस, पांचरात्र)
.5
बौद्ध तंत्र, बौद्धों का शाक्ति सम्प्रदाय
.6
जैन तंत्र
.7
नाथ, सिद्ध, सहज सम्प्रदाय तंत्र
.8
शरीरतत्व मूल तंत्र, अखण्डमहायोग, मुश
.9
विषयानुक्रमणी , (तंत्र के विशेष शब्द कामरत्न आदि यंत्र, मंत्रादि)
227
स्तोत्र साहित्य
.1
द्रौव
.2
शक्ति
.3
सूर्य, गणेश
.4
वैष्णव
.5
बौद्ध
.6
जैन
.7
हनुमान
.8
महालक्ष्मी
.9
विविध देवी देवताओं के स्त्रोत
228
मंत्र, आचार, कर्मकाण्ड, संध्यादि, गायत्री
.1
कर्मकाण्ड (वैदिक मंत्र) यज्ञादि, वास्तु
.2
तांत्रिक मंत्र
.3
पौराणिक कर्मकाण्ड (सत्यनारायण ब्रहस्पति आदि पूजा)
.4

.5
संस्कार से सम्बन्धित कर्मकाण्ड
.6
दीक्षा, गुरूमहिमा
.7
नित्यकर्म, जपमुश (तर्पण संध्यादि)
.8
देवप्रतिष्ठा
.9
अन्य व्रतोत्सव
228.51
यज्ञोपवीत तक
.52
विवाह
.53
अन्त्येष्ट
229
स्मृति ग्रन्थ
.1
धर्मशास्त्र
.2
स्मृति निबंध
.3
व्यवहार साधारण
.4
व्यवहार (दायभाग)
.5
वर्ण, आश्रम, पुरूषार्थ
.6
काल निर्णय (संस्कार को छोड़कर)
.7
संस्कार के काल निर्णय
.8

.9
कुलनिर्णय (जिस वर्ग में यह है उससे सम्बन्धित)
230
हिन्दू धर्म (मध्यकालीन)
231
द्रौव धर्म
231.11
द्रौव सामान्य
.12
लिंग पूजा
.13
द्रौव सिद्धान्त मत
.14
काच्च्मीर के द्रौव
.15
बंगाल के द्रौव
.16
वीर द्रौव
.17
आंध्र के द्रौव
.18
द्रविड़ के द्रौव
.19
दशनामी, योगी, जंगम, परमंहस, अघोर, अर्द्धवाहू, लिंगी, सूघड़ सन्यासी, ब्रहाचारी, अवघूत, नांगा, कपाल, कालमुख आदि।
232
शातुधर्म (श्रीविद्या सहित)
.1
अभिद्गोक, पूजा
.2
आचार
.3
पंचमकाट (मत्स्य, मांस, पद्य, मदिरा, मैथुन,)
.4
पंचतत्व शोधन
.5
चक्र वीरादि
.6
द्याट्‌चक्र, मूलाधार, स्वाधिष्ठान, मणिपूरक, अनाहद, विच्चुद्ध, आज्ञा, कुण्डलिनी
.7
दश महाविद्या (प्रधान)

काली, तारा, द्याोड़च्ची
.71
त्रिपुरा, भुवनेश्वरी, काल भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, मांतगी, कमला,
.8
दुर्गापूजा
.9
विविध दक्षिणाचारी, नामाचारी, कंचूरिया
223
सौरगाणपत्य आदि
234
वैष्णव धर्म अष्टछाप और वल्लभ आदि (राधावल्लभी, हरिदासी, स्वामीनारायण, प्रणामी, नृसिंह
सम्प्रदाय)
235
चैतन्य महाप्रमु
236
भारत का जन वैष्णव तथा उनके पंथ
(ग्रहस्थों को दीक्षा देने वाले लोग, आम वैष्णव)
237
सिक्ख धर्म
.1
उदासी
.2
गंज वक्खशी
.3
राम राय
.4
सुधर सादि
.5
निर्मल
.6
नागा
.7
अकाली
.8
गुयद्वारा
.9
अन्यान्य
238
द्रविड़ देच्चीय हिन्दू धर्म
239
मध्ययुग के अन्यान्य साधक
.1
0प्र0 सीमा
.2
रामानन्द और मराही साधक
.3
कबीर पंथ
.4
स्वामी सम्प्रदाय
.5
मलूक दासी
.6
दादू पंथी
.7
रैदासी
.8
सेन
.9
विविध योगी सम्प्रदाय

रामसाहनी, प्राणनाथी, साथ, शिवनारायणी, शून्यवादी, राधावल्लभी, चरणदासी, सरस्वामी, पलटूदासी, अघोरपंथी, हरिदासी, हरिच्च्चन्दी, साधनपंथी, गोररखनाथ, चुहारपंथी आदि।
240
हिन्दू धर्म (वर्तमान)
.1
दर्शन, आलोचना
.2

.3

241
ब्रहा समाज
.1
आदि ब्रहा समाज
.2
नव विधान समाज
.3
साधारण ब्रहा समाज
242
आर्य समाज
.1
सत्यार्थ प्रकाश
.2
दयानन्द के अन्य ग्रन्थ
.3
अन्य स्वामियों के ग्रन्थ
243
रामकृष्ण विवेकानन्द मिशन
.1
परमंहस देव की वाणी
.2
स्वामी विवेकानन्द
244
आधुनिक सम्प्रदाय
.1
राधास्वामी
.2
देव समाज
.3
विच्चुद्धानन्द, गोपीनाथ कविराज
.4

.5
राम तीर्थ
.6
रमाशक्ति मिशन, महिला प्रचारक
.7
अरविन्द
.8
रंजनीश
.9

245
उत्तर भारत के अन्य आधुनिक सम्प्रदाय
.1
0प्र0 सीमांत, पच्च्चिम बंगाल, सिन्धू, पाक्स्तिान
.2
बिहार
.3

.4
बंगलादेश
.5
उड़िसा
.6
मराठा
.7
गुजरात
.8
द्रविड़
.9
विविध
246



247



248



249
अन्य आधुनिक सम्प्रदाय


250
बौद्ध धर्म


.2
परम्परा
.3

.4

.5

.6

.7
बौद्ध शिक्षा
.79
धर्म सम्प्रदाय
251
विनय पिटक
.1
सुत्त विभंग समस्त पासादिक साखयदीप विभाग
.2
पातिमोरूख भिरूखु, भिरूखुनी
.3
पाराजिक
.4
पाचित्तिय
.5
खंदक महावग्ग
.6
चुल्लवग्ग
.7
परिवार वग्ग
252
सुत्तपिटक
.1
दीघनिकाय
.2
मज्झिम निकाय
.3
संयुक्त निकाय
.4
अंगुत्तर निकाय
.5
खुददक निकाय
.5
खुददक पाठ
धम्मपद
उदान
इतिवुत्थक
सुत्त निपात
विमानबन्धु
पेत वत्थु
थेरगाथा
थेरिगाथा
जातक
सिददेश
पटिसंविधा
अपदान
ढ़
बुद्धवंश
चरियापिटक
.6

.7

.8

.9

253
अधिधम्म पिटक
.1
धम्मसंगिनी
.2
विभंग
.3
धातुकथा
.4
प्रगाल पज्जति
.5
कथावत्थु
.6
यमक
.7
पटटाण
.8
विशुद्धिमग्ग
.9
विविध
254
विविध पालि गं्रन्थ
255
संस्कृत धार्मिक बौद्ध ग्रन्थों का अनुवाद महायान बौद्ध धर्म
256
तिब्बतीय बौद्ध धर्म
257
चीन का बौद्ध धर्म, आर्यमज्जुश्री कल्प
258
जापानी बौद्ध धर्म
259
मध्यएशिया का बौद्ध धर्म
260
जैन धर्म
.8
सम्प्रदाय
.81
द्रवेताम्बर
.82
प्ररेरा
.83
ढुढिया
.84
तेरापन्थी
.85
दिगम्बर जैन
.86
दिगम्बर संघ
.87
श्रावक
261
अंग                           सं0 11
262
उपांग                         सं0 12
263
प्रकीर्ण                         सं0 10
264
छेदसूत्र                        सं0 06
265
मूलसूत्र                        सं0 04
266
प्रकीर्ण                         सं0 02 पइन्ना
267
अनुयोग द्वार                    सं0 03
268

269
जैन धर्म के अन्य ग्रन्थ, जैन प्रकाश आदि।
270
ईसाई धर्म (विस्तार डी0डी0सी0 के अनुसार)
300
सामाजिक विज्ञान
301
समाज शास्त्र
304

304.5
जनसंखया (जनांकिकी) Genetic Factors
.6
जनसंखया  Population
.63
जन्म
.64
मृत्यु
.66
जनसंखया नियंत्रण
305
सामाजिक स्तरण
.2
वयः स्तर
.3
पुरूष
.4
स्त्री
306
संस्कृति एवं संस्थाऍं
310
संखियकी
320
राजनीति विज्ञान
330
अर्थशास्त्र
340
विधि Law
350
लोक प्रशासन
360
सामाजिक समस्याऍ और सेवाऍ
370
शिक्षा
380
वाणिज्य, संचार, परिवहन
390
रीति-रिवाज, शिष्टाचार, लोकवार्ता
395
शिष्टाचार

लोकवार्ता
398.6
पहेलियां, बुझौवल
.9


400
भाषा और भाषा विज्ञान
410
तुलनात्मक भाषा विज्ञान, भाषा विज्ञान भारतीय आर्यभाषादि
411
स्वरलिपि (वर्णमाला और चित्राक्षर)
412
शब्दव्युत्पत्ति, अर्थविज्ञान
413
कोश रचना कला, बहुभाषी कोश
414
ध्वनि विज्ञान
415
व्याकरण (भाषा संरचना प्रणाली ) स्फोट
416
मौखिक और लिखित भाषा इतर शाब्दिक भाषा
417
बोली विज्ञान और पुरालिपि शास्त्र
.2
बोली विज्ञान
.7
ऐतिहासिक भाषा विज्ञान (प्राचीनलिपि विज्ञान)
418
भाषा प्रयोग (अनुप्रयुक्त भाषा विज्ञान)
418.9
वाचिक और लिखित भाषा से इतर शाब्दिक भाषा
419
भारतीय भाषाओं का सामान्य अध्ययन
420
संस्कृत भाषा
.5
संस्कृत प्रचार
421
लिपि, शारदा लिपि आदि
422
शब्द व्युत्पत्ति, शब्द विचार, शब्दशक्ति, अर्थ विज्ञान
423
कोश (संस्कृत-संस्कृत)
424
पर्यायवाची, अनेकार्थवाची, विपरीतार्थवाची कोश, मुहावरा, लोकोक्ति कोश
425
व्याकरण (पाणिनि)
426
प्राचीन व्याकरण (पाणिनी)
426.9
पाणिनेतर व्याकरण
427
उपभाषाओं का विज्ञान
428
संस्कृत 'भाषा' का प्रयोग (भाषा सीखने की पुस्तक)
428.8
पाठ्‌य पुस्तकें
429
बौद्ध संस्कृत का भाषा विज्ञान
430
पालि भाषा

440
प्राकृत भाषा
445
प्राकृत व्याकरण
449
अपभ्रंश
450
हिन्दी भाषा
450.5
हिन्दी प्रचार सरकारी और सरकारी
453
हिन्दी कोश
453.2
हिन्दी संस्कृत कोश
458
हिन्दी प्रयोग (हिन्दी भाषा सीखने की पुस्तक)
459
उपभाषायें
459.1
राजस्थानी
.2
ब्रज
.3
बिहारी
.4
अवधी
.5
बघेली
.6
छत्तीसगढ़ी
.7
भोजपुरी
.8
मैथिली
.9
मगही, बुन्देली आदि
460
गुजराती भाषा
470
मराठी भाषा (इनका विभाजन 420 की तरह)
480
अन्य भारतीय भाषायें
481
पूर्वी भाषा
481.1
बंगला
.2
आसामिया
.3
उड़िया
482
उर्दू
483
पंजाबी (सिंधी और कच्छी सहित)
.7
लहन्दी (पंजाब की देच्ची भाषा)
484
पहाड़ी भाषायें
.1
गढ़वाली
.2
कुमाऊॅनी
.3
कच्च्मीरी
.4
नेपाली
485
सिंहली
486
मुण्डावर्ग
.1
संथाली
.2
मुंडारी
487
भोट चीना वर्ग (भोटिया, नागा, मणिपुरी आदि)
488
द्रविड़ वर्ग

.1
तमिल
.2
तेलम्‌
.3
मलयालम
.4
कन्नड़
489
अष्ट एशियाई वर्ग
490
अन्य भाषायें
491
इन्डो यूरोपियन भाषायें
.1
अमेरिकन इंगलिश
.2
इंगलिश
.3
जर्मनी
.4
फ्रेंच
.5
इटैलियन
.6
स्पेनिश
.7
लैटिन
.8
ग्रीक
.9
अन्य इन्डो योरोपियन भाषायें
.911
भारत ईरानी (इन्डो इरानियन)
.915
ईरानी भाषायें
.915.1
प्राचीन फारसी
.915.2
अवेस्ती
.915.3
पहलवी
.915.4

.915.5
आधुनिक फारसी
.916
कैल्टिक
.916.1
आयरिश
.916.2
स्काटिश
.916.6

.916.7
पूर्व स्लावी भाषाऍ, रूसी भाषा
.916.8
वाल्टो स्लावी
.916.9
वाल्टिक और अन्य भाषाऍ

द्रोष भाषाओं का नोटेशन 492 से 499 डी0सी0 के अनुसार होगा।
492
अफ्रीकी एशियाई  भाषाऍ
.4
हिबू
.7
अरबी
495
पूर्व एवं दक्षिण पूर्व एशियाई भाषाऍ
495.1
चीनी भाषा
.4
तिब्बती बर्मा भाषाऍ
.6
जापानी
495.91
थाई भाषाऍ
               
499
अन्य भाषाऍ

500
शुद्ध विज्ञान
510
गणित (वैदिक गणित)
512
बीज गणित
513
अंक गणित
514
संस्थिति विज्ञान
515
विच्च्लेषण
515.3
अवकलन कलन और समीकरण
516
ज्यामिति (समतल के माप = भुवनकोश (आकाच्चीय माप) चापीय त्रिकोणमिति Trigonamentry
520
खगोल और सम्बन्धित विज्ञान
521
सैद्धान्तिक खगोल विज्ञान और खगोलीय यांत्रिकी
521.1
खगोलीय बल विज्ञान
.3
कक्ष
.4
क्षोभ
.54
सौर सिद्धान्त ,  solar system
.57
सूर्य सिद्धान्त , solar theory
.58
नक्षत्र आकाशगंगा सिद्धान्त
.6
उपग्रह सिद्धान्त
.62
चन्द्र सिद्धान्त
.7
धूमकेतु और उल्का सिद्धान्त
.8
ग्रहण, याम्योत्तर गमन
522
व्यावहारिक और गोलीय खगोल
.1
वेधशालाऍं
.7
गोलीय खगोल विज्ञान
.523
वर्णनात्मक खगोल
.2
सौर मंडल
.3
चन्द्रमा
.4
ग्रह


.6
धूमकेतु
.7
सूर्य
.8
तारागण
.9
याम्योत्तर गमन, उपग्रह
.525
पृथ्वी (खगोलीय भूगोल)
.3
कक्ष और गति
.35
घूर्णन
.5
ऋतुएं और कटिबंध
.6
ज्वार
528
ग्रहगति पत्री (नाविक पंचांग)
529
तैथिकी (काल Time)
.1
नक्षत्र और सौर दिन


.3
पंचांग
.7
समय मापन विद्या
.78
समय मापन यंत्र
530
मौतिकी
536
उष्मा
536.1
उष्मा सिद्धान्त
538
चौम्बिकी
540
रसायन विज्ञान और अन्य सम्बन्धित विज्ञान
549
खनिज विज्ञान
550
भू-विज्ञान और भूमण्डलेतर लोक से सम्बन्धित विज्ञान
551
भूविज्ञान, ऋतु विज्ञान, सामान्य जल विज्ञान
.5
ऋतु विज्ञान
560
जीवाच्च्म विज्ञान प्राणि अच्च्म विज्ञान
570
जीव विज्ञान
581
वनस्पति विज्ञान
590
प्राणि विज्ञान
598
पक्षी वर्ग
599
स्तनपायी जन्तु
600
प्रौद्योगिकी (अनुप्रयुक्त विज्ञान)
610
आयुर्विज्ञान (चिकित्सा विज्ञान)
611
मानव शरीर रचना
615
भैषिजिकी और चिकित्सा शास्त्र
615.5
चिकित्सा शास्त्र (रोगोपचार)
.531
एलोपैथी
.532
होमियोपैथी
.537
विद्युत और जड़ी बूटी (आयुर्वेद)
616
रोग
616.1
हद्‌वाहिका तंत्र रोग
617
शल्यकर्म और सम्बन्धित प्रसंग
617.6
दंत चिकित्सा
618
स्त्री रोग विज्ञान और प्रसति विद्या. (औषधि विज्ञान की अन्य शाखाऍ)
618.1
स्त्री रोग विज्ञान
620
इंजीनियरिंग और संश्रित क्रियाऍं
621
अनुप्रयुक्त भौतिकी
630
कृषि और सम्बन्धित प्रौद्योगिकी
636
पच्चुपालन शास्त्र
640
ग्रह अर्थशास्त्र (ग्रह विज्ञान)
.5
पाकशास्त्र
645
ग्रह साजसज्जा
650
प्रबन्ध तथा सहायक सेवाऍं
653
आच्चुलिपिकृ
700
कलाऍ, ललित एवं आलंकारिक
701
ललित एवं आलंकारिक कलाओं का दर्शन और सिद्धान्त
704.9
प्रतिमा विज्ञान
720
(स्थापत्य) वास्तु कला
725
सार्वजनिक इमारतें
727
शिक्षा और अनुसंधान के लिए विद्यालय भवन
730
अभिघटन कलायें, मूर्तिकला
740
रेखा चित्रण, अकंरण और अन्य गौण कलायें
752
रंग
770
फोटोग्राफी और फोटो चित्र
780
संगीत
783
पवित्र संगीत (धार्मिक)
783.9
भजन
784.4
लोकगीत
.71
राष्ट्रीय गीत, गीत
.9
स्वर
787
तन्त्री वाद्य यंत्र और उसके संगीत
792
नाट्‌य शाला (रंगमंच प्रदर्शन)
027
रूप सज्जा
028
अभिनय
793.
घरेलू खेल और मनोरंजन
793.3
नृत्य
794.1
शतरंज
796.3
गेंद के खेल
799
मछली का शिकार
800
साहित्य (ललित साहित्य)
801
साहित्य दर्शन और सिद्धान्त, साहित्य विचार
801.92
मनोवैज्ञानिक पक्ष
.93
साहित्य और सौन्दर्य बोध
.95
साहित्यालोचन
.959
पाढालोचन, मूल पाठ समीक्षा
802
साहित्य की रूपरेखा, प्रकीर्णक
803
साहित्य कोश, विश्वकोश, शब्दानुक्रमणिका
804
भाषण, निबन्ध
805
क्रमिक प्रकाशन
806
संस्थाऍ, संगठन
807
अध्ययन, अध्यापन
808
विविध साहित्य से संग्रह, ग्रन्थावली
809
एक से अधिक साहित्य का इतिहास (विश्व)
810
भारतीय साहित्य सामान्य
810.1
सिद्धान्त, दर्शन
.2
रूपरेखा
.3
कोश
.9
इतिहास
810
भारतीय साहित्य से संकलन
811
काव्य
812
नाटक
813
कथा साहित्य
814
निबन्ध
815
वक्तृता
816
पत्र साहित्य
817
हास्य और व्यंग्य
818
काव्यशास्त्र
819
विविध
820
संस्कृत साहित्य
821
काव्य, महाकाव्य
.1
आधुनिक संस्कृत काव्य (1750 से आगे)
.2
गीत, छन्दमुक्तु
821.01
सामान्य आलोचना
821.02
कालिदास आलोचना
821.088
विशिष्ट मानव रस वर्णन संग्रह
822
नाटक (रूपक के सभी भेदों सहित)
821.88
अनेक काव्यकार
821.8
काव्यकार
822.01
नाटक सिद्धान्त, आलोचना
822.02
नाट्‌यशास्त्र
823
कथा साहित्य
.1
उपन्यास
.2
लघुकथा
.3
आत्मकथा
.4
जीवनवृत्त
.5
यात्रावृत्त
824
निबन्ध
825
वक्तृता
826
पत्र साहित्य
827
हास्य व्यंग्य
828
काव्यशास्त्र
.01
व्यंजना तात्पर्य आदि शक्तियां
828.1
लक्षण ग्रन्थ, प्रकरण ग्रन्थ
.2
रस
.3
छन्द
.4
अलंकार
.5
नायिका भेद, वक्रोन्तिक
828.6
रीति
.7
दोष गुण
.92
मनोवैज्ञानिक पक्ष
829
विविध
.1
सुभाषित, नीति, सूक्ति आदि
.2
चम्पू
830
पालि साहित्य
840
प्राकृत साहित्य
849
अपभ्रंश साहित्य
850
हिन्दी साहित्य
854.1
गद्य काव्य
854.8
संस्मरण
858
काव्यशास्त्र
859
उपभाषा साहित्य
859.1
राजस्थानी
.2
व्रज
.3
मगही
.4
अवधी
.5

.6
छत्तीसगढ़ी
.7
भोजपुरी
.8
मैथिली
.9
अन्य
860
गुजराती साहित्य
870
मराढी साहित्य
880
अन्य भारतीय साहित्य
881
पूर्वी भाषाओं का साहित्य
881.1
बंगला
.2
असमिया
.3
उड़िया
882
उर्दू
883
पंजाबी (सिन्धी और कच्छी सहित)
884
पहाड़़ी भाषाऍं
884.1
गढ़वाली
.2
कुमांऊनी
.3
काच्च्मीरी आदि
885
सिंघली
886
मुण्डा वर्ग
886.1
संथाली
.2
मुंडाली
887
भोट चीना वर्ग
.1
भोटिया
.2
नागा
.3
मणिपुरी
888
द्रविड़ वर्ग
.1
तमिल
.2
तेलगू
.3
मलयालम
.4
कन्नड़
889
अष्ट एशियाई भाषाओं का साहित्य
890
अन्य साहित्य
891
इन्डो योरोपियन साहित्य
.1
अमेरिकन
.2
इंगलिश
.3
जर्मन
.4
फ्रेंच
.5
इटैलियन
.6
स्पेनिश
.7
लैटिन
.8
ग्रीक
.9
अन्य इन्डोरोपियन साहित्य
891.9
ईस्ट इन्डोरोपियन
.91
ईस्ट इन्डोरोपियन
.911
भारत ईरनी (इन्डो आर्यन)
.915
ईरानी
.915.1
प्रचीन फारसी
915.2
         अवेस्सी
.915.3
        पहलवी


.915.5
आधुनिक फारसी
.916
केल्टिक
.916.1
आयरिश
891.9162
स्काटिश
.916.5
वेल्स
.7
पूर्वी ट्‌लावी रूसी
.8
वाल्दो स्लावी
.9
वाल्टिक और अन्य भाषाऍं

शेष भाषाओं का मोटिवेशन 492 से 499 तक डी0सी0 की भॉंति होगा। यथा-
482.4
हिन्दी
482.5
अरबी
495.1
चीनी
.4
तिब्बती


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