शनिवार, 29 सितंबर 2012

केशान्त संस्कार



केशान्त का अर्थ लम्बी अवधि तक केशधारण करने वाले युवा ब्रह्मचारी का केश वपन। विधि पूर्वक मंत्रोच्चारण के साथ यह गोदान के साथ सम्पन्न होता था। इस संस्कार के बाद ही 'युवक' को गृहस्थ जीवन के योग्य शारीरिक और व्यावहारिक योग्यता की दीक्षा दी जाती थी।
आगोदानकर्मणः-ब्रह्मचर्यम्‌-भा. यू.सू.